नवी मुंबई | प्रतिनिधि
नवी मुंबई के ऐरोली में प्रस्तावित मराठी भाषा भवन उपकेंद्र का काम पिछले पांच वर्षों से शुरू नहीं होने पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने राज्य सरकार पर कड़ी नाराजगी जताई है। मनसे के राज्य प्रवक्ता एवं नवी मुंबई शहर अध्यक्ष गजानन काळे ने भूखंड का दौरा कर परियोजना में हो रही देरी पर सवाल उठाए।
मनसे के अनुसार वर्ष 2021 में सिडको द्वारा राज्य सरकार को करीब 3,000 वर्ग मीटर का भूखंड सौंपा गया था, लेकिन अब तक वहां एक भी ईंट नहीं रखी गई है। मराठी भाषा और संस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) के माध्यम से इस उपकेंद्र का निर्माण प्रस्तावित था।
योजना के तहत भवन में मराठी भाषा संचालनालय, विश्वकोश मंडल के कार्यालय, सभागृह, बाल विभाग तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष दालन शुरू किए जाने थे, लेकिन मनसे का आरोप है कि यह परियोजना अभी भी कागजों तक सीमित है।
गजानन काळे ने कहा कि परियोजना के लिए ₹26 करोड़ का बजट मंजूर होने के बावजूद भूमिपूजन तक नहीं हुआ, जो बेहद निराशाजनक है। जबकि नवंबर 2022 में मंत्री उदय सामंत ने अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण कर आठ दिनों के भीतर भूमिपूजन का आश्वासन दिया था, लेकिन तीन वर्ष बीतने के बाद भी मामला जस की तस बना हुआ है। उन्होंने मांग की है कि अधिवेशन समाप्त होने से पहले मराठी भाषा भवन उपकेंद्र का भूमिपूजन करे। साथ ही विधिमंडल में भी यह मुद्दा उठाया जाए।
मनसे ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्य शुरू नहीं हुआ तो पार्टी ऐरोली के इस भूखंड पर प्रतीकात्मक रूप से भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित करेगी।
















Leave a Reply