मुंबई में मानसून की तैयारी तेज: बीएमसी आयुक्त भूषण गगराणी ने सभी एजेंसियों को दिए ‘जीरो टॉलरेंस’ के निर्देश

मुंबई में आगामी मानसून की चुनौतियों से निपटने और संभावित आपदाओं को रोकने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने अपनी कमर कस ली है। बीएमसी मुख्यालय में आयोजित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की एक महत्वपूर्ण बैठक में मनपा आयुक्त भूषण गगराणी  ने केंद्र और राज्य सरकार की सभी प्रमुख एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय के साथ जलभराव और किसी भी आपातकालीन स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।

आयुक्त ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि मुंबई जैसे महानगर में मानसून केवल एक ऋतु नहीं बल्कि प्रशासनिक परीक्षा है, इसलिए सभी संबंधित विभागों को बेहतर योजना और ‘रियल-टाइम’ सूचना साझाकरण के साथ कार्य करना होगा ताकि नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।सुरक्षा के दृष्टिकोण से इस बैठक में दो प्रमुख मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया, जिनमें जर्जर इमारतें और शहर में लगे होर्डिंग्स शामिल हैं। आयुक्त ने निर्देश दिया कि मानसून के आगमन से पहले मुंबई की सभी जर्जर और खतरनाक इमारतों का विस्तृत सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया जाए। साथ ही, जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों का स्थानांतरण मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) के अनुसार समय रहते सुनिश्चित करने को कहा गया है।

पिछले वर्ष घाटकोपर में हुई दर्दनाक होर्डिंग दुर्घटना का संज्ञान लेते हुए गगराणी ने सभी सरकारी और निजी एजेंसियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगे होर्डिंग्स की संरचनात्मक मजबूती की जांच करने और उनकी सुरक्षा का ऑडिट करने के कड़े आदेश दिए हैं, ताकि तेज हवाओं और बारिश के दौरान किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।

जलभराव की समस्या मुंबई के लिए एक स्थायी चुनौती रही है, जिसे देखते हुए आयुक्त ने वर्षा जल की निकासी को तेज और प्रभावी बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने मेट्रो और रेलवे प्रशासन से कहा कि हर स्टेशन की भौगोलिक स्थिति और आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त क्षमता वाले ‘डी-वॉटरिंग पंप’ लगाए जाएं ताकि यात्रियों को जलभराव के कारण यातायात में किसी बाधा का सामना न करना पड़े।

इसके साथ ही भारतीय मौसम विभाग (IMD) को समय रहते बारिश का सटीक पूर्वानुमान देने का आग्रह किया गया है, ताकि एनडीआरएफ, कोस्ट गार्ड, नौसेना और मुंबई पुलिस जैसी सुरक्षा एजेंसियां अपनी आवश्यक तैयारियां समय पर कर सकें।

इस उच्च स्तरीय समन्वय बैठक में अतिरिक्त मनपा आयुक्त डॉ. विपिन शर्मा, डॉ. अश्विनी जोशी, अभिजीत बांगर और अविनाश ढाकणे सहित म्हाडा, एमएमआरडीए, पीडब्ल्यूडी, बेस्ट और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। बैठक का समापन करते हुए आयुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मानसून की तैयारी, संभावित बीमारियों की रोकथाम और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई जैसे कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी क्रियान्वयन होता है और क्या मुंबई इस बार मानसून के दौरान जलभराव मुक्त रह पाती है।

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