नवी मुंबई। अर्चना त्रिपाठी | प्रतिनिधि
नवी मुंबई महानगरपालिका की नवनिर्वाचित महापौर सुजाता पाटील और उपमहापौर दशरथ भगत ने पदभार संभालते ही शहर के सर्वांगीण विकास को गति देने के उद्देश्य से प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कार्य की शुरुआत कर दी है। इसी क्रम में महानगरपालिका आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे ने सभी विभाग प्रमुखों के साथ महापौर और उपमहापौर से भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा संपूर्ण प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक की शुरुआत में सभी विभाग प्रमुखों ने अपने-अपने विभागों की कार्यप्रणाली और वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। इसके पश्चात हुई महत्वपूर्ण चर्चा में महापौर सुजाता पाटील ने स्पष्ट किया कि लोकप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद और मजबूत समन्वय के माध्यम से ही नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप तेज, पारदर्शी और सतत विकास संभव है।महापौर ने शहर के पानी की आपूर्ति, बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपनी भूमिका स्पष्ट की। बैठक में एक अहम मुद्दा महानगरपालिका क्षेत्र में हाल ही में शामिल किए गए 14 गांवों के सर्वांगीण विकास का भी रखा गया। इन गांवों में मूलभूत सुविधाएं, बुनियादी ढांचा और नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार से आवश्यक निधि प्राप्त करने हेतु त्वरित और प्रभावी प्रयास करने का निर्णय लिया गया।
इसके साथ ही महानगरपालिका के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से महापौर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक महासभा में संबंधित विभाग प्रमुखों की उपस्थिति अनिवार्य की जाए, ताकि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सवालों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान हो सके।
महापौर ने दो टूक शब्दों में कहा कि विकास केवल कागजों और रिपोर्टों तक सीमित न रहकर सीधे नागरिकों तक पहुंचना चाहिए, जिसके लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है।
बैठक में एक अभिनव निर्णय लेते हुए महापौर सुजाता पाटील की संकल्पना से पहली बार निर्वाचित नगरसेवकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित करने का फैसला भी किया गया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से नए जनप्रतिनिधियों को महानगरपालिका के बजट, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी, जिससे वे अपने-अपने प्रभागों की समस्याओं को अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकें।
कुल मिलाकर, इस पहली समन्वय बैठक में नवनिर्वाचित महापौर के नेतृत्व में प्रशासन और लोकप्रतिनिधियों के बीच सहयोग को मजबूत कर नवी मुंबई के विकास को नई दिशा देने का स्पष्ट संकल्प व्यक्त किया गया।
नियोजनबद्ध क्रियान्वयन, पारदर्शी कार्यप्रणाली और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से नवी मुंबई को और अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और समृद्ध शहर बनाने की रूपरेखा तय की गई, जिसके सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में शहरवासियों को प्रत्यक्ष रूप से देखने को मिलेंगे।
















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