नवी मुंबई। अर्चना त्रिपाठी | प्रतिनिधि
नवी मुंबई पुलिस ने वर्ष 2025 में अपराध विरोधी कार्रवाई में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे ने वार्षिक पत्रकार परिषद में पुलिस की कार्यप्रणाली का ‘रिपोर्ट कार्ड’ प्रस्तुत किया। इसमें बताया गया कि शहर में दर्ज कुल अपराधों में से करीब 80 प्रतिशत मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया है।
वही “सुरक्षित शहर, सक्षम पुलिस” की संकल्पना के तहत नवी मुंबई पुलिस द्वारा 2025 की वार्षिक कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। पुलिस आयुक्त के अनुसार, महिलाओं के खिलाफ अपराध, आर्थिक धोखाधड़ी और चोरी के मामलों में पुलिस ने विशेष और प्रभावी कार्रवाई की है, जिससे अपराध नियंत्रण में बड़ी सफलता मिली है।
पुलिस आयुक्त ने आगे बताया कि नशा विरोधी अभियान में भी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई गई है। इस अभियान के तहत अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई करते हुए कई नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल पारंपरिक जांच ही नहीं, बल्कि साइबर सेल, सीसीटीवी नेटवर्क और फॉरेंसिक वैन जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से अपराधियों पर शिकंजा कसना आसान हुआ है। तकनीकी सशक्तिकरण के चलते अपराधों की पहचान और जांच में तेजी आई है।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि नवी मुंबई अब केवल एक उपनगर नहीं रहा, बल्कि यह एक वैश्विक स्तर का शहर बन रहा है। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नैना परियोजना और पुनर्विकास योजनाओं के कारण शहर की जनसंख्या में तेज़ी से वृद्धि हो रही है। यह बढ़ता शहरीकरण पुलिस प्रशासन के लिए नई चुनौतियां लेकर आएगा, लेकिन पुलिस बल इन चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
बता दे, पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों के विश्लेषण का हवाला देते हुए पुलिस आयुक्त ने बताया कि नवी मुंबई में बच्चों के अपहरण से संबंधित कोई संगठित या गंभीर रैकेट सामने नहीं आया है, जो शहर के लिए एक सकारात्मक और संतोषजनक तथ्य है। फिर भी, प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच के माध्यम से त्वरित कार्रवाई करने का उन्होंने आश्वासन भी दिया।
कुल मिलाकर, 2025 में नवी मुंबई पुलिस की कार्यप्रणाली ने शहर को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में एक मजबूत भरोसा कायम किया है।
















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