नवी मुंबई की महापौर सुजाता पाटील और उपमहापौर दशरथ भगत का बिनविरोध चयन नवी मुंबई।

ठाणे जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजित यादव की अध्यक्षता में नवी मुंबई महानगरपालिका चुनाव के मद्देनजर आयोजित विशेष सभा में नवी मुंबई की महापौर पद पर भारतीय जनता पार्टी की सुजाता पाटील तथा उपमहापौर पद पर दशरथ भगत के बिनविरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की गई। बता दे की शिवसेना की नगरसेविका सरोज पाटील और नगरसेवक आकाश मढवी द्वारा बहुमत न होने पर अपना नामांकन वापस लिए जाने के कारण इन पदों पर निर्वाचन का मार्ग प्रशस्त हुआ।

नवी मुंबई महानगरपालिका में भाजपा को स्पष्ट बहुमत दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाने वाले राज्य के वन मंत्री गणेश नाईक ने महापौर और उपमहापौर पद के लिए अनुभवी, सक्षम और भरोसेमंद नेतृत्व का चयन कर पार्टी की दूरदर्शी और रणनीतिक निर्णय क्षमता को एक बार फिर साबित किया है।

नवी मुंबई महानगरपालिका की सार्वत्रिक चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 65 सीटों पर भारी जीत दर्ज कर निर्विवाद वर्चस्व स्थापित किया है। इस स्पष्ट जनादेश के चलते भाजपा के महापौर और उपमहापौर उम्मीदवारों का बिनविरोध निर्वाचन संभव हो सका। इसके साथ ही शहर के विकास की बागडोर अब पूरी तरह भाजपा के हाथों में आ गई है।

नवनिर्वाचित महापौर सुजाता पाटील उच्च शिक्षित हैं और उन्होंने एम.कॉम. तक शिक्षा प्राप्त की है। वे प्रभाग क्रमांक 23 (अ) से भाजपा की नगरसेविका के रूप में लगातार दूसरी बार चुनकर हुई हैं। इससे पूर्व वह महिला एवं बालकल्याण समिति की सभापति के रूप में अपनी प्रभावी, परिणामकारक और जनहितैषी कार्य कर अपनी अलग पहचान बना चुकी है। एक सुशिक्षित, अध्ययनशील और निर्णायक महिला जनप्रतिनिधि के रूप में उनका महापौर पद पर चयन नवी मुंबई के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पदभार ग्रहण करते ही महापौर सुजाता पाटील ने स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और यातायात नियोजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की घोषणा की। एक गृहिणी से महापौर तक का सफर महिलाओं की प्रगति का प्रतीक है, ऐसा उल्लेख करते हुए उन्होंने शहर के सर्वांगीण विकास के साथ महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहने का आश्वासन दिया।

उपमहापौर दशरथ भगत का चयन उनके दीर्घ प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव की स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है। पूर्व विपक्ष नेता के रूप में महापालिका सभागृह में उनकी स्पष्ट और आक्रामक भूमिका तथा नगरसेवक के तौर पर प्रभाग में किए गए विकास कार्यों के कारण उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही थी। उपमहापौर पद की जिम्मेदारी संभालते ही उन्होंने सभी सदस्यों को साथ लेकर लोकाभिमुख और विकास-केंद्रित प्रशासन चलाने का संकल्प व्यक्त किया है।

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