नवी मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश मनपा आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे ने दिए हैं। विभाग प्रमुखों की समीक्षा बैठक में आयुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए तय की गई उपाययोजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, विशेष रूप से निर्माण स्थलों पर प्रदूषण रोकने के लिए कठोर कार्रवाई की जाए।
इस समीक्षा बैठक में पर्यावरण, अतिक्रमण, स्वच्छता व शौचालय प्रबंधन, संपत्ति कर, पानीपट्टी, सूचना प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अतिरिक्त आयुक्त सुनील पवार, शहर अभियंता शिरीष आरदवाड, प्रशासन विभाग के उपायुक्त किसनराव पलांडे सहित विभाग प्रमुख, अधिकारी और कार्यकारी अभियंता उपस्थित थे।
आयुक्त ने निर्देश दिए कि निर्माण स्थलों पर महानगरपालिका द्वारा निर्धारित मानक कार्यप्रणाली (SOP) के अनुसार सभी प्रदूषण नियंत्रण उपायों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी प्रत्यक्ष जांच सहायक आयुक्तों और विभाग अधिकारियों द्वारा की जाए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल नोटिस जारी करने और लापरवाही बरतने पर निर्माण कार्य बंद करने की सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। 1,000 वर्ग मीटर से बड़े निर्माण स्थलों के साथ-साथ छोटे निर्माण स्थलों की भी नियमित जांच करने के आदेश दिए गए हैं।
सभी छोटे-बड़े निर्माण स्थलों पर वायु गुणवत्ता मापक यंत्र लगाना और उसे ऐप के माध्यम से इंटीग्रेट करना अनिवार्य किया गया है। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि ये यंत्र केवल महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल से मान्यता प्राप्त आपूर्तिकर्ताओं से ही लिए जाने चाहिए, ताकि मापदंडों की विश्वसनीयता बनी रहे।वही अनधिकृत इमारतों के संबंध में न्यायालय के निर्देशों का सख्ती से पालन करने पर जोर देते हुए आयुक्त ने अतिक्रमण विरोधी अभियान को और अधिक तेज व प्रभावी रूप में चलाने के निर्देश दिए। इसके लिए विशेष उड़नदस्ते (फ्लाइंग स्क्वॉड) गठित कर कार्रवाई में तेजी लाने को कहा गया।
आयुक्त ने सघन स्वच्छता अभियानों का दायरा बढ़ाने और उन्हें नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की सुविधाओं की जांच कर वहां निरंतर स्वच्छता बनाए रखने पर जोर दिया। मनपा क्षेत्र में हाल ही में शामिल किए गए 14 गांवों में स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं को लेकर त्वरित और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए।
150 दिनों के सरकारी कार्यालय सुधार कार्यक्रम में नवी मुंबई महानगरपालिका द्वारा राज्य में चौथा स्थान प्राप्त करने का उल्लेख करते हुए आयुक्त ने ‘आपले सरकार’ और शिकायत निवारण प्रणाली पर प्रतिक्रिया समय और कम करने के निर्देश दिए। साथ ही ई-ऑफिस प्रणाली को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने पर भी जोर दिया गया।
महापौर और उपमहापौर के निर्वाचन के बाद सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए गए कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें और शहर के समग्र विकास के लिए समन्वय के साथ कार्य करें।
















Leave a Reply