Manoj Jarange Patil Protest : मराठा आरक्षण: मनोज जरांगे पाटिल का आमरण अनशन शुरू, सरकार के सामने रखी 10 सूत्रीय मांगें

Manoj Jarange Patil Maratha Andolan: नवी मुंबईत मराठा आंदोलनातील योगदानासाठी ‘कृतज्ञता सन्मान’ सोहळा

मराठा आरक्षण के मुद्दे पर मराठा आंदोलन के प्रमुख चेहरा बन चुके मनोज जरांगे पाटिल ने आज से अंतरवाली सराटी में अपना आमरण अनशन शुरू कर दिया है। अनशन पर बैठने से ठीक पहले जरांगे पाटिल ने सरकार को चेतावनी देते हुए अपनी 10 सूत्रीय मांगें सामने रखी हैं।

मनोज जरांगे पाटिल की मुख्य मांगें :

➤कुणबी प्रमाण पत्र और वैलिडिटी: सातारा, कोल्हापुर, औंध, पुणे और मिरज संस्थानों का जीआर (सरकारी संकल्प) निकाला जाए। गजट के अनुसार आवेदन करने वाले सभी लोगों को कुणबी जाति का प्रमाण पत्र और वैलिडिटी दी जाए। यदि अधिकारी इसमें लापरवाही बरतते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश निकाला जाए।

➤मुकदमों की वापसी: आंदोलन के दौरान मराठा प्रदर्शनकारियों पर दर्ज किए गए सभी मुकदमों को पूरी तरह वापस लिया जाए।

➤नौकरी और मुआवजा: आंदोलन में जान गंवाने वाले प्रदर्शनकारियों के परिवारों को वित्तीय सहायता और महावितरण या एमआईडीसी में सरकारी नौकरी दी जाए।

➤ स्वतंत्र मंत्रालय: मराठा और कुणबी समाज के लिए एक अलग स्वतंत्र मंत्रालय का गठन किया जाए।

➤ समिति का विस्तार: शिंदे समिति की समय सीमा बढ़ाकर उन्हें पुराने रिकॉर्ड की जांच करने की पूरी छूट दी जाए।

देवेंद्र फडणवीस: “OBC समाज पर अन्याय नहीं होने देंगे”
मनोज जरांगे के अनशन पर बैठने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सरकार की तरफ से पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए कहा साफ किया कि सरकार सकारात्मक है, लेकिन कोई भी फैसला कानून के दायरे में ही होगा।

➤संविधान के तहत फैसला: फडणवीस ने कहा, “सरकार मराठा आरक्षण को लेकर पूरी तरह पारदर्शी है। हम समाज के हित में फैसले लेते हैं, लेकिन वे सभी निर्णय संविधान, कानून और कोर्ट के आदेशों के अधीन ही होंगे।”

➤ OBC आरक्षण सुरक्षित: ओबीसी समाज को भरोसा दिलाते हुए उन्होंने कहा, “ओबीसी समाज को डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। सरकार ने कभी भी एक समाज का आरक्षण छीनकर दूसरे को नहीं दिया है। हम मराठा समाज की मांगों का समाधान निकालेंगे, लेकिन किसी भी कीमत पर ओबीसी समाज के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।”

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