नवी मुंबई में दूषित पानी की शिकायतों पर महापौर सुजाता पाटिल का बड़ा एक्शन!

  • खुद मोरबे डैम का पानी पीकर शुद्धता पर लगाई मुहर, जारी किया टोल-फ्री नंबर
  • कोपरखैरणे, नेरुल, तुर्भे और वाशी में ‘जल गुणवत्ता जांच अभियान’ की शुरुआत

नवी मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र के कुछ हिस्सों से पिछले कुछ दिनों से आ रही दूषित जलापूर्ति की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए महापौर सुजाता पाटिल ने पूरी जलापूर्ति व्यवस्था का जमीनी स्तर पर विस्तृत निरीक्षण दौरा किया। नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित और नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महापौर सुजाता पाटिल ने मोरबे डैम, भोकरपाड़ा जल शुद्धीकरण केंद्र, जलापूर्ति वितरण प्रणाली, बेलापुर स्थित स्काडा सेंटर और आग्रोली जल शुद्धीकरण केंद्र का दौरा कर वास्तविक स्थिति की समीक्षा की।

इस महत्वपूर्ण निरीक्षण दौरे के दौरान उनके साथ उपमहापौर दशरथ भगत, जलापूर्ति समिति के सभापति रविकांत पाटिल, आरोग्य समिति के सभापति डॉ. जयाजी नाथ, अतिरिक्त शहर अभियंता अरविंद शिंदे सहित मनपा के कई वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

➤ मोरबे डैम में 17% पानी शेष

इस निरिक्षण दौरे के दौरान महापौर ने मोरबे डैम के जल भंडारण और वाटर लेवल का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में केवल 17 प्रतिशत जलभंडारण शेष है, लेकिन यह स्टॉक जुलाई महीने तक की आवश्यकता के लिए पूरी तरह पर्याप्त है।

➤ खुद मोरबे डैम का पानी पीकर शुद्धता पर लगाई मुहर!

महापौर ने खुद मोरबे डैम का पानी पीकर इसकी गुणवत्ता और स्वच्छता की पुष्टि की और कहा कि मुख्य स्रोत से मिलने वाला पानी पूरी तरह से शुद्ध, सुरक्षित और मानकों के अनुरूप है।

महापौर ने जानकारी दी कि भोकरपाड़ा ट्रीटमेंट प्लांट और शहर के विभिन्न वार्डों में बने वॉटर टैंकों पर पानी की निरंतर जांच की जा रही है। प्रत्येक प्रभाग में 650 से अधिक टेस्ट किए जा चुके हैं, जहां पानी का पीएच (pH) स्तर और क्लोरीनीकरण का प्रमाण पूरी तरह मानक के अनुसार पाया गया है।

➤ कोपरखैरणे, बेलापुर, नेरुल, तुर्भे और वाशी प्रभाग में पानी के नमूनों की जांच

मुख्य स्रोत पर पानी शुद्ध होने के कारण स्थानीय वितरण प्रणाली में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए महापौर ने कोपरखैरणे, बेलापुर, नेरुल, तुर्भे और वाशी प्रभाग में नवी मुंबई मनपा द्वारा किये जा रहे ‘पानी गुणवत्ता जाँच मुहिम’ का जायजा लिया, इस दौरान उन्होंने वहां पानी के सैंपल लेकर पहुंचे स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। साथ ही जल गुणवत्ता जांच का निरिक्षण कर , महत्वपूर्ण सुझाव मनपा अधिकारियों को दिए।

➤ शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर जारी, घर आकर सैंपल लेगी टीम

नागरिकों की त्वरित सुविधा के लिए महापौर ने एक विशेष टोल-फ्री नंबर 1800222309 की घोषणा की। उन्होंने जनता से अपील की कि, यदि किसी के भी घर में दूषित पानी की समस्या आ रही है, तो वे तुरंत इस टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत मिलते ही मनपा कर्मचारी सीधे संबंधित नागरिक के घर जाकर पानी का सैंपल लेंगे। लैब टेस्टिंग के बाद नागरिकों को रिपोर्ट दी जाएगी कि पानी पीने योग्य है या नहीं।

➤ नेरुल सेक्टर-५० स्थित ‘एसटीपी’ और ‘टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट’ का दौरा

नेरुल सेक्टर-५० स्थित १०० एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और ‘टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट’ का दौरा कर वहां की अत्याधुनिक कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष जायजा लिया।

इस निरीक्षण दौरे के दौरान उपमहापौर दशरथ भगत, महिला एवं बाल कल्याण समिति की सभापति सलुजा सुतार, नगरसेविका रेखा विनोद म्हात्रे, नगरसेवक सुनील पाटिल व विशाल विचारे उपस्थित थे। इसके साथ ही अतिरिक्त शहर अभियंता अरविंद शिंदे, कार्यकारी अभियंता शंकर जाधव व संतोष उनवणे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

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