मुंबई/मीरा-भाईंदर:
मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण ने मेट्रो 9 (दहिसर पूर्व से मीरा-भाईंदर) मार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों के सफर को अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। इस परियोजना के तहत मेट्रो 9 रूट पर 7 नए फुट ओवर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। करीब 11 किलोमीटर लंबे और 8 स्टेशनों वाले इस रूट पर बनने वाले ये पुल MMRDA के मल्टी-मोडल इंटीग्रेशन पहल का हिस्सा हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य मेट्रो स्टेशनों तक यात्रियों को सुरक्षित और निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में उपमुख्यमंत्री व एमएमआरडीए अध्यक्ष एकनाथ शिंदे और मुख्य सचिव व एमएमआरडीए की 286वीं कार्यकारी समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार की अध्यक्षता के साथ-साथ एमएमआरडीए के मनपा आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी की देखरेख में इस परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसके निर्माण का जिम्मा मेसर्स स्पेको इंफ्रास्ट्रक्चर जेवी – मेसर्स पीआरएस इंफ्राप्रोजेक्ट्स एलएलपी को सौंपा गया है, जो करीब ₹82.09 करोड़ की लागत से इन पुलों को तैयार करेगी।
➤ इन 7 प्रमुख जगहों पर बनेंगे फुट ओवर ब्रिज
वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और मीरा-भाईंदर रोड जैसे बेहद व्यस्त और 30 से 60 मीटर चौड़े रास्तों पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए निम्नलिखित स्थानों पर ये पुल बनाए जाएंगे:
➤दहिसर टोल नाका (WEH): 145 मीटर
➤मीरागांव (WEH): 87 मीटर
➤काशीगांव (मीरा-भाईंदर रोड): 92 मीटर
➤शिवार गार्डन (मीरा-भाईंदर रोड): 80 मीटर
➤मैक्सस मॉल (मीरा-भाईंदर रोड): 83 मीटर
➤वेज सागर होटल (मीरा-भाईंदर रोड): 88 मीटर
➤साईबाबा नगर (मीरा-भाईंदर रोड): 80 मीटर
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे पुल
सभी प्रस्तावित पुलों की चौड़ाई 3 मीटर होगी और यात्रियों की सुविधा के लिए इनमें अत्याधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी:
➤आधुनिक सीढ़ियां
➤ दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों और आम जनता के लिए लिफ्ट की सुविधा
➤ सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी निगरानी प्रणाली
➤ यात्रियों और आम जनता को मिलने वाले बड़े फायदे
इन नए फुट ओवर ब्रिजों के निर्माण से मीरा-भाईंदर और मुंबई के यात्रियों को कई फायदे होंगे। इसके तहत अत्यधिक ट्रैफिक वाले रास्तों को लोग सुरक्षित तरीके से पार कर सकेंगे, सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचना आसान होगा और भीड़भाड़ के समय यात्रियों का प्रबंधन बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। वही ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ सुधरने से लोग निजी वाहनों की जगह मेट्रो का रुख करेंगे, जिससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
➤ मेट्रो 9 परियोजना :
मेट्रो 9 मार्ग पर सिविल कार्य अपने अंतिम चरण में हैं और इसके पहले चरण की शुरुआत 7 अप्रैल 2026 को हो चुकी है। पूर्ण मेट्रो सेवा शुरू होते ही यात्रियों को यह फुट ओवर ब्रिज की सुविधा भी मिल जाए, इसके लिए एमएमआरडीए इस काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर रहा है।
“हमारा लक्ष्य सिर्फ मेट्रो लाइनें बिछाना नहीं, बल्कि यात्रियों के लिए एक आधुनिक और निर्बाध परिवहन प्रणाली बनाना है। महाराष्ट्र में हर साल लगभग 50 किलोमीटर नया मेट्रो नेटवर्क जोड़ा जा रहा है और मेट्रो 9 के ये फुट ओवर ब्रिज यात्रियों की सुरक्षित पहुंच के लिए अहम साबित होंगे।”
देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री (महाराष्ट्र)
“किसी भी सार्वजनिक परिवहन की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि नागरिक उसका कितनी आसानी से उपयोग कर पाते हैं। ये पुल सुरक्षा और लास्ट माइल कनेक्टिविटी को मजबूत कर एक सक्षम मुंबई महानगर क्षेत्र का निर्माण करेंगे।”
एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री (महाराष्ट्र)
“आधुनिक शहरी यातायात में मल्टी-मोडल इंटीग्रेशन सबसे जरूरी है। इन प्रस्तावित पुलों से यात्रियों को एक सुरक्षित, सुविधाजनक और तनावमुक्त यात्रा का अनुभव मिलेगा।”
डॉ. संजय मुखर्जी (महानगर आयुक्त, एमएमआरडीए)












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