- कैबिनेट का बड़ा फैसला: न्यू नागपुर और न्यू आउटर रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण में तेजी लाने की कवायद
- इंटरनेशनल ट्रेड सेंटर और 148 किमी लंबी रिंग रोड से खुलेंगे औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए रास्ते
मुंबई प्रतिनिधि:
विदर्भ क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने और औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नागपुर की दो महत्वाकांक्षी परियोजनाओं—’न्यू नागपुर’ और ‘न्यू आउटर रिंग रोड’—के लिए खरीदी जाने वाली निजी जमीनों के लेन-देन पर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस को पूरी तरह माफ करने की मंजूरी दे दी गई है।
इस ऐतिहासिक छूट से राज्य सरकार के खजाने पर करीब 637 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ आएगा, लेकिन इससे आपसी बातचीत के जरिए होने वाला जमीन अधिग्रहण बेहद आसान और तेज हो जाएगा।
➤ हिंगना में बनेगा इंटरनेशनल ट्रेड एंड फाइनेंस सेंटर
सरकार के इस फैसले से ‘न्यू नागपुर’ परियोजना के काम में तेजी आएगी। नागपुर महानगर विकास प्राधिकरण द्वारा नागपुर जिले के हिंगना तालुका के मौजे गोधानी और मौजा लाडगांव में एक विश्वस्तरीय ‘इंटरनेशनल ट्रेड एंड फाइनेंस सेंटर’ विकसित किया जा रहा है। स्टांप ड्यूटी में मिली इस भारी छूट से इस सेंटर के लिए जमीन का हस्तांतरण बिना किसी कानूनी या वित्तीय अड़चन के समय पर पूरा हो सकेगा।
➤ 148 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड और 4 नए टर्मिनल
इस योजना का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा नागपुर शहर के चारों तरफ बनने वाली 148 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड है। इस रिंग रोड के साथ ही चार अत्याधुनिक ट्रांसपोर्ट हब यानी टर्मिनल भी विकसित किए जाएंगे। यह रिंग रोड शहर के भीतर ट्रैफिक के दबाव को कम करेगी और माल ढुलाई को बेहद सुगम बनाएगी।
सरकार का मानना है कि ये दोनों परियोजनाएं विदर्भ के भविष्य के लिए गेम-चेंजर बनकर साबित होंगी। सरकार का मानना है की स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क में छूट देने का उद्देश्य जमीन मालिकों के साथ पारदर्शिता बढ़ाना और काम को समय पर पूरा करना है। इससे इलाके में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आएगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।”
परियोजनाओं पर एक नजर:
- कुल आउटर रिंग रोड की लंबाई: 148 किलोमीटर
- प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट टर्मिनल: 04 नए हब
- मुख्य विकास एजेंसी: नागपुर महानगर विकास प्राधिकरण (NMRDA)
- जमीन अधिग्रहण में कुल सरकारी छूट: ₹637 करोड़ (स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन)
- प्रमुख क्षेत्र: गोधानी और लाडगांव (हिंगना तालुका)












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