राज्य में काम करने वाले गैर-मराठी ऑटो और टैक्सी चालकों को अब हर हाल में मराठी सीखना अनिवार्य होगा। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने साफ़ कर दिया है की 15 अगस्त 2026 के बाद किसी को कोई मोहलत नहीं दी जाएगी।
प्रताप सरनाईक ने घोषणा की है कि परिवहन विभाग की ओर से मराठी शिक्षण अभियान शुरू किया जा रहा है, जिसमें ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से ट्रेनिंग दी जाएगी।
मंत्रालय में ऑटो-टैक्सी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई एक विशेष बैठक में मंत्री सरनाईक ने बताया कि चालकों को रोजाना चार घंटे की ऑफलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे यात्रियों के साथ आसानी से बातचीत कर सकें। शुरुआत में ये ट्रेनिंग क्लास मुंबई, ठाणे, डोंबिवली, नवी मुंबई, वसई-विरार, पालघर और दहानू जैसे इलाकों में शुरू की जाएंगी। इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए करीब 4,500 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, जिन्हें सरकार मानदेय (सैलरी) देगी। इसके अलावा, कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ जैसी संस्थाओं की भी मदद ली जाएगी।
चालकों की सुविधा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा, जो हिंदी से मराठी अनुवाद और आसान बातचीत सीखने में मदद करेगा। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद चालकों का एक ओरल टेस्ट लिया जाएगा और पास होने वाले उम्मीदवारों को सरकार की तरफ से एक आधिकारिक सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
परिवहन मंत्री ने उम्मीद जताई है कि इस कदम से यात्रियों और चालकों के बीच का संवाद बेहतर होगा और मराठी भाषा का प्रसार बढ़ेगा। उन्होंने सभी ऑटो-टैक्सी यूनियनों से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है।












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