मुंबई:
महाराष्ट्र को देश का सबसे बड़ा डेटा सेंटर हब बनाने और वैश्विक निवेश को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित ‘विश्व आर्थिक मंच’ में हुए समझौतों को तय समय सीमा में लागू करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मुंबई के सह्याद्री अतिथि गृह में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने औद्योगिक, बुनियादी ढांचे, डेटा सेंटर और स्मार्ट सिटी से जुड़े प्रोजेक्ट्स को गति देने के लिए जमीन आवंटन और प्रशासनिक मंजूरियों को अगले तीन महीनों के भीतर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
➤10 प्रमुख अधिकारियों को सौंपी 100 परियोजनाओं की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि निवेश प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए अब प्रशासन को कंपनियों के फॉलोअप का इंतजार करने की जरूरत नहीं है, बल्कि खुद आगे बढ़कर पर्यावरण मंजूरी, भूमि आवंटन और निर्माण योजनाओं को मंजूरी देनी होगी। इसके लिए एक अनोखा रोडमैप तैयार किया गया है, जिसके तहत एमआईडीसी (MIDC), उद्योग निदेशालय और मंत्रालय के 10 प्रमुख अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ये 10 अधिकारी मिलकर 100 महत्वपूर्ण परियोजनाओं (प्रत्येक अधिकारी 10 प्रोजेक्ट) को समय पर पूरा कराने के लिए जवाबदेह होंगे।
➤ नवी मुंबई और खालापूर बनेंगे देश के सबसे बड़े डेटा सेंटर क्लस्टर
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “महाराष्ट्र देश के सबसे बड़े डेटा सेंटर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में डेटा सेंटर परियोजनाएं वर्तमान में ‘इन्वेस्टमेंट इन प्रोग्रेस’ के चरण में हैं, जिससे भारी निवेश की उम्मीद है। इन सेंटर्स के लिए आवश्यक बिजली और पानी महाराष्ट्र में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।” इस योजना के तहत नवी मुंबई का ‘महापे’ इलाका राज्य के प्रमुख डेटा सेंटर हब के रूप में उभर रहा है, जबकि ‘खालापूर’ को तीसरे सबसे बड़े डेटा सेंटर क्लस्टर के रूप में विकसित करने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। साथ ही पनवेल क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
➤ सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को मिलेगी नई रफ्तार
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माणकार्य क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स, चिप्स, एयरोस्पेस, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और डिफेंस सेक्टर के प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। वहीं, सेवा क्षेत्र के तहत डेटा सेंटर, आईटी-आईटीईएस, फिनटेक और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के साथ-साथ ‘एयरोसिटी’ क्षेत्र में यूनिवर्सिटी प्रोजेक्ट, लॉजिस्टिक्स पार्क, एंटरटेनमेंट हब और स्टूडियो अपार्टमेंट्स जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को भी तेज गति से पूरा करने का आदेश दिया गया है। इस बैठक से साफ है कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र में औद्योगिक क्रांति और रोजगार के नए अवसरों को भारी बढ़ावा मिलने वाला है।












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