ऐरोली नाका, सेक्टर-1ए स्थित गणपति तालाब के सुशोभीकरण कार्य के दौरान तालाब की सुरक्षा दीवार ढहने की घटना को लेकर क्षेत्र में राजनीति तेज हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूर्व महापौर सागर नाईक ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान पूर्व स्थायी समिति सभापति अनंत सुतार, पूर्व नगरसेविका शशिकला सुतार, मनपा अधिकारी तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। नवी मुंबई महानगरपालिका की ओर से इस तालाब का सुशोभीकरण कार्य ठेकेदार मेसर्स रिलायंस कंस्ट्रक्शन के माध्यम से किया जा रहा है, जिसे 1 फरवरी 2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस संबंध में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिस सुरक्षा दीवार के गिरने पर विवाद खड़ा हुआ है, उसे परियोजना के अंतर्गत हटाया जाना प्रस्तावित था। हालांकि, निर्धारित समय से पहले दीवार गिरने को लेकर विपक्षी दलों ने सुरक्षा और गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सागर नाईक ने कहा कि विरोधी दल बेवजह इस घटना को तूल देकर नागरिकों में भ्रम और डर का माहौल पैदा कर रहे हैं, जबकि विकास कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।














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