तिलक एजुकेशन सोसायटी संचालित वाशी इंग्लिश हाई स्कूल, वाशी द्वारा आयोजित “शौर्य – The Spirit of Superheroes” एवं 41वां वार्षिक महोत्सव 2025–2026 तथा पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन वाशी सेक्टर 28 में अत्यंत जोश और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं शोधकर्ता डॉ. शोभना वासुदेवन, तिलक ग्रुप ऑफ स्कूल्स एंड कॉलेजेस के डायरेक्टर डॉ. अजीत कुरूप और डायरेक्टर अरुण कुरूप उपस्थित थे। साथ ही रजिस्ट्रार सुरेश पिलई, प्राचार्या विभा माथुर, स्कूल प्रबंधन, फैकल्टी मेंबर्स और बड़ी संख्या में छात्र–अभिभावक भी बड़ी उत्सुकता के साथ शामिल हुए।
समारोह का शुभारंभ शिव स्तुति से हुआ। तिलक एजुकेशन सोसायटी वाशी इंग्लिश हाई स्कूल ने शिक्षा के क्षेत्र में अपने 41 वर्षों के उल्लेखनीय सफर से एक मजबूत बेंचमार्क स्थापित किया है। इसी क्रम में शैक्षणिक सत्र 2025–2026 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसने अभिभावकों का विश्वास और अधिक दृढ़ किया तथा स्कूल की उच्च शैक्षणिक स्तर की पहचान को सबके सामने प्रकट किया।
मंच पर नर्सरी से लेकर जूनियर केजी के बच्चों ने फिक्शनल सुपरहीरोज का रूप धारण कर जो आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं, उसने सभी दर्शकों का मन मोह लिया। उनकी मासूम अदाओं और प्रतिभा से पूरा सभागार मंत्रमुग्ध हो गया। समारोह के दौरान शैक्षणिक वर्ष 2025–2026 में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं और परीक्षाओं में सफल हुए छात्रों को मान्यवरों के हाथों सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों की उपलब्धियों ने अभिभावकों और शिक्षकों दोनों को गर्व से भर दिया।
कार्यक्रम का वातावरण तब और भी जीवंत हुआ जब छात्रों ने देश के विभिन्न महानुभावों की शौर्य गाथाएँ अपनी कला, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से मंच पर जीवंत कर दीं। इन प्रस्तुतियों में पिता, खिलाड़ी, स्वतंत्रता सेनानी, कोविड योद्धा, किसान, वैज्ञानिक, आर्म्ड फोर्सेज के वीर और मनोरंजन जगत से जुड़े शौर्यवान व्यक्तित्वों की प्रेरणादायक जीवन कथाएँ दर्शाई गईं। छात्रों ने इन महान व्यक्तित्वों से प्रेरणा लेते हुए संदेश दिया कि अनुशासन, सही मार्गदर्शन और निरंतर प्रयास से जीवन में सफलता का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है।
इस अवसर पर प्राचार्या विभा माथुर ने कहा कि ‘शौर्य’ केवल कार्यक्रम की एक थीम नहीं है, बल्कि यह संदेश है कि हर विद्यार्थी साहस और दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़े और जीवन की हर चुनौती का सामना आत्मविश्वास के साथ करे। उन्होंने कहा कि स्कूल का उद्देश्य विद्यार्थियों में सकारात्मक दृष्टिकोण और उत्कृष्टता की भावना विकसित करना है, ताकि वे भविष्य में समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन सकें।














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