सिवुड प्रभाग क्रमांक 108 का प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व नगरसेवक भरत जाधव ने प्रभाग में उद्यान, गटर और डस्टबिन से जुड़े कार्यों में भारी भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाते हुए नवी मुंबई महानगरपालिका के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है।
सीवूड सेक्टर 48 में चल रहे इस आंदोलन के दौरान उन्होंने मनपा अभियंता विभाग पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये के विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएँ की गई हैं।
भरत जाधव का कहना था कि पिछले पांच वर्षों से वे इस मामले को लगातार उठा रहे हैं, लेकिन जांच समिति गठित होने के बावजूद आजतक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस घोटाले से जुड़े दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और संपूर्ण जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
उपोषण के दौरान भरत जाधव को समर्थन देने के लिए उनके परिवार के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के कई लोकप्रतिनिधि और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। आंदोलन स्थल पर लगातार बढ़ती भीड़ और मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने स्थिति पर ध्यान दिया।
इस प्रकरण के महत्व को समझते हुए नवी मुंबई मनपा के सामान्य प्रशासन विभाग के उपायुक्त किसनराव पलांडे स्वयं उपोषण स्थल पर पहुँचे। उन्होंने भरत जाधव को मनपा की ओर से उचित और निष्पक्ष जांच का लिखित एवं मौखिक आश्वासन दिया। उनके आश्वासन के बाद भरत जाधव ने अपना अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल अस्थायी रूप से स्थगित करने की घोषणा की।
किसनराव पलांडे ने बताया कि मनपा प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और सभी आरोपों की विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल सीवूड प्रभाग बल्कि पूरे नवी मुंबई में शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और प्रशासनिक कदमों से यह स्पष्ट होगा कि आरोपों की सच्चाई क्या है और कार्रवाई किस स्तर तक पहुँचती है।














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