नवी मुंबई – नवी मुंबई के सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल, सेक्टर १७ वाशी द्वारा अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव से “नवसाला पावणारा महाराजा” की शाही और भावपूर्ण विदाई दी गई। दस दिवसीय अनंत भक्ति और आराधना के उपरांत, अनंत चतुर्दशी के पावन दिन पर गणपति बप्पा का विधिवत विसर्जन संपन्न हुआ।
मंडल के संस्थापक अध्यक्ष एवं पूर्व नगरसेवक संपत शेवाले और पूर्व नगरसेविका दयावती शेवाले ने सहपरिवार बप्पा की आरती उतारते हुए भावभीनी विदाई दी। साथ ही, सभी महाराजा सेवकों और भक्तजनोंने भक्ति भाव से अपने आंसूओं के साथ बप्पा के चरणों में मनोकामनाएँ व्यक्त की। इस अवसर पर पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण नजर आया।
जब नवसाला पावणारा महाराजा की शाही सवारी विसर्जन के लिए निकली, तो ढोल-ताशों की थाप से पूरा परिसर गूंज उठा। पारंपरिक मृदंग की ताल ने भव्य सवारी का मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया, जिसने हर भक्तजन के हृदय को मंत्रमुग्ध कर दिया। जगह-जगह महिलाएं अपने घरों से निकलकर बप्पा को अंतिम विदाई देते हुए श्रद्धापूर्वक आरती करती नजर आईं। महाराजा सेवकों की भव्य झांकी और भक्तों के चेहरों पर उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
इस दौरान मंडल अध्यक्ष संपत शेवाले ने अक्षत वर्षा कर नवसाला पावणारा महाराजा से सभी भक्तजनो की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
जब बप्पा की शाही सवारी वाशी छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर पहुंची, तो फूलों की बरसात से पूरा माहौल ऊर्जा और शक्ति से भर उठा। तत्पश्चात, बेहद जोशीले और भावपूर्ण माहौल के बीच बप्पा को वाशी गांव जागृतेश्वर मंदिर के विसर्जन तालाब में विधिवत शाही विदाई दी गई। इस पावन क्षण में पूरे परिसर में एक ही आवाज गूंज रही थी –
“गणपती बाप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या”।
इस अनूठे आयोजन से न केवल भक्तों के हृदय भावविभोर हुए, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश का सुंदर संगम भी स्थापित हुआ।














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