नवी मुंबई: गणेशोत्सव के पावन अवसर पर नवी मुंबई का सबसे लोकप्रिय और प्राचीन गणेशोत्सव मंडल, शिवछाया मित्र मंडल, तुर्भे, अपनी 55 वर्षों से चली आ रही परंपरा को श्रद्धापूर्वक निभाते हुए इस वर्ष भी भव्य धूमधाम से उत्सव मना रहा है।
इस वर्ष विशेष आकर्षण रहा मंडल के संस्थापक अध्यक्ष अंकुश वैती की अनूठी संकल्पना के तहत ‘नवी मुंबईचा राजा’ को ‘प्रति पंढरपुर’ की भव्य प्रतिकृति के बीच विराजमान किया गया। पंढरपुर, जिसे महाराष्ट्र की आध्यात्मिक राजधानी कहा जाता है, और नवी मुंबई को वारकरी भक्तों की भूमि मानते हुए, यह आयोजन भक्तों के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव बन गया।
शिवछाया मित्र मंडल ने भगवान विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर की सुंदर प्रतिकृति में बाप्पा की स्थापना की, ताकि भक्तजन पंढरपुर की भक्ति का अनुभव नवी मुंबई में ही प्राप्त कर सकें। पंडाल की दीवारों पर उकेरी गई कलाकृतियां और नक्काशी भक्तों को मंत्रमुग्ध कर रही हैं। ‘नवी मुंबईचा राजा’ का दरबार अत्यंत अलौकिक व मनमोहक रूप में सजा हुआ है, जहाँ भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा आभूषणों से सुसज्जित रूप में विराजमान है।
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मंडल द्वारा आयोजित मेले में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तजन बप्पा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पहुँचे। इस दौरान मंडल के अध्यक्ष अंकुश वैती ने भक्तिमय महाआरती का आयोजन किया। साथ ही उपाध्यक्ष सुशील घरत, सचिव अशोक पाटील, कोषाध्यक्ष रामकृष्ण पाटील सहित मंडल के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अंकुश वैती ने बताया कि इस अनूठी संकल्पना का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक जागरूकता फैलाना और सभी भक्तों को भगवान विठ्ठल-रुक्मिणी के प्रति श्रद्धा भाव से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के चलते नवी मुंबई के अलावा मुंबई, ठाणे, कल्याण-डोंबिवली और अन्य आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में भक्त बाप्पा के दर्शन के लिए आ रहे हैं।
यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक शांति का संदेश देता है, बल्कि भक्तों के हृदय में भगवान गणेश की अपार कृपा और प्रेम का संचार भी करता है।














Leave a Reply