“सेव्ह वाइल्डलाईफ – जंगल वाचवा, प्राणी वाचवा!”- संकल्पना
नवी मुंबई: गणेशोत्सव की धूम पूरे देश में है, और हर साल अपनी अनूठी थीम के लिए मशहूर ‘गणराज वाशीचा’ – ‘राजा नवी मुंबईचा’ ने इस साल भी भक्तों का मन मोह लिया है। सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल-सेक्टर 16 ए, वाशी, के संस्थापक अध्यक्ष विजय वालुंज और मंडल के 41वें वर्ष में प्रवेश करते हुए एक अद्भुत और प्रेरणादायक संकल्पना को साकार किया है।
इस साल मंडल ने न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि वन्यजीवों के बचाव पर भी जोर दिया है। पंडाल को एक जीवंत जंगल का रूप दिया गया है, जहां हिरण, बाघ, हाथी और अन्य जंगली जानवरों की प्रतिकृतियां बनाई गई हैं। यह दृश्य भक्तों को प्रकृति और सृष्टि के प्रति सच्ची भक्ति का महत्व याद दिलाता है।
मंडल के संस्थापक अध्यक्ष विजय वालुंज ने बताया कि इस साल की गणराज वाशीचा- राजा नवी मुंबईचा को कागज के लगदे से तैयार किया गया है, जो पर्यावरण हितैषी होने के साथ-साथ यह संदेश भी देती है कि सच्ची भक्ति प्रकृति के साथ सामंजस्य में होनी चाहिए।
राज्य के वनमंत्री गणेश नाईक के मार्गदर्शन में, मंडल ने इस साल “सेव्ह वाइल्डलाईफ – जंगल वाचवा, प्राणी वाचवा!” (वन्यजीवों को बचाओ – जंगल बचाओ, प्राणी बचाओ!) की अनोखी थीम अपनाई है। इस थीम के जरिए भक्तों को यह आगाह किया गया है कि अगर आज हमने जंगल और जंगली प्राणियों की रक्षा नहीं की, तो आने वाली पीढ़ी उन्हें सिर्फ कार्टून में ही देख पाएगी।
विजय वालुंज ने इस साल की अनूठी थीम पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि गणराज वाशीचा- राजा नवी मुंबईचा के माध्यम से समाज में जनजागृति लाने का उनका प्रयास सफल रहा है। इस अनोखी थीम को देखने और बप्पा की एक झलक पाने के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है।
यह उत्सव न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश देने का एक मंच भी बन गया है। ‘गणराज वाशीचा’ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उत्सवों को सामाजिक जागरूकता के साथ जोड़ा जा सकता है।














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