मुंबई: विदर्भ के पांच जिलों में बाघों के हमलों के कारण हुई नागरिकों की मौतों को राज्य सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। विधानसभा में एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए वन मंत्री गणेश नाईक ने घोषणा की कि सरकार मानव-वन्यजीव संघर्ष को हमेशा के लिए कम करने के लिए व्यापक कार्ययोजना पर काम कर रही है। इसके तहत अगले ४२ महीनों में विदर्भ के प्रत्येक जिले में ‘ताडोबा’ की तर्ज पर नया टाइगर प्रोजेक्ट और कोंकण, पश्चिमी महाराष्ट्र, मराठवाड़ा व खानदेश के हर जिले में एक ‘लेपर्ड सफारी’ विकसित की जाएगी।
विधानसभा सदस्य अतुल भातखळकर द्वारा उठाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर हुई चर्चा के दौरान सदस्य विजय वडेट्टीवार, सुधीर मुनगंटीवार, जयंत पाटील, आदित्य ठाकरे, निलेश राणे, सुनील प्रभु और नाना पटोले ने भी उपप्रश्न उपस्थित किए थे, जिसके जवाब में वन मंत्री जवाब दिया ।
➤AI तकनीक से नागरिकों को किया जा रहा अलर्ट
वन मंत्री गणेश नाईक ने बाघों के हमलों की घटनाओं को अत्यंतदर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि वन्यजीवों को इंसानी बस्तियों में आने से रोकने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है। वन विभाग द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का उपयोग करके ग्रामीणों को समय रहते सतर्क किया जा रहा है। इसके साथ ही जंगलों में जाने के समय पर प्रतिबंध लगाने और बड़े पैमाने पर जन-जागरूकता अभियान चलाने जैसे सुरक्षात्मक उपाय भी किए जा रहे हैं।
➤ वन्यजीवों की आबादी ४ गुना बढ़ी, अब बनेगा स्वतंत्र अधिवास
सदन को जानकारी देते हुए वन मंत्री ने बताया कि राज्य में बाघों की संख्या पहले की तुलना में करीब चार गुना ज्यादा बढ़ चुकी है, साथ ही तेंदुओं की आबादी में भी भारी इजाफा हुआ है।
➤ नाशिक में विशेष लेपर्ड प्रोजेक्ट: नाशिक जिले में तेंदुओं के लिए एक बड़े क्षेत्र में विशेष परियोजना पर काम चल रहा है, जिसके तहत बांस का पौधारोपण, फेंसिंग, आंतरिक सड़कें और प्राकृतिक खाद्य श्रृंखला विकसित की जा रही है।
➤ ४५० बाघों का होगा स्थानांतरण: विदर्भ के विभिन्न अभ्यारण्यों में लगभग ४५० बाघों को चरणबद्ध तरीके से स्थानांतरित करने की योजना है।
➤ ५,००० एकड़ में लेपर्ड सफारी: गणेश नाईक ने जानकारी दी की हर जिले में लगभग ५,००० एकड़ क्षेत्र पर लेपर्ड सफारी बनाने का मानस है, जहां वन्यजीवों के लिए पानी, फलदार वृक्ष और खाद्य श्रृंखला की पूरी व्यवस्था होगी ताकि वे इंसानी बस्तियों का रुख न करें।
➤ पीड़ित परिवारों को ₹२५ लाख की मदद और सरकारी नौकरी का प्रस्ताव
बाघ या तेंदुए के हमले में जान गंवाने वाले नागरिकों के परिवारों को मिलने वाली आर्थिक सहायता के बारे में बोलते हुए वन मंत्री गणेश नाईक ने कहा कि वर्तमान में २५ लाख रुपये की मदद का प्रावधान है, जिसमें से १० लाख रुपये दुर्घटना के २४ घंटे के भीतर दे दिए जाते हैं। इसके अलावा, पीड़ित परिवार के एक पात्र सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी देने का एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव जल्द ही राज्य मंत्रिमंडल बैठक के सामने मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
➤ तेंदुओं की नसबंदी के लिए केंद्र से मांगी अनुमति
तेंदुए की तेजी से बढ़ती आबादी को नियंत्रित करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार से तेंदुओं की नसबंदी के एक प्रायोगिक प्रोजेक्ट के लिए अनुमति मांगी है।
वन मंत्री नाईक ने अंत में बताया कि इन सभी परियोजनाओं के लिए ग्रीन बॉन्ड्स, सीएसआर फंड और अन्य वित्तीय विकल्पों के जरिए जरूरी फंड जुटाया जाएगा।












Leave a Reply