मुंबई: महाराष्ट्र में नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी और इसके सेवन को पूरी तरह से रोकने के लिए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक और बेहद कड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में घोषणा की है कि राज्य के प्रत्येक जिले के पुलिस थानों में ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र ‘एंटी-नार्कोटिक्स यूनिट’ स्थापित की जाएगी।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सदस्य सुनील प्रभु द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह जानकारी दी। इस दौरान सुधीर मुनगंटीवार, जयंत पाटिल, अमीन पटेल, योगेश सागर और संजय शिरसागर ने भी उप-प्रश्न उपस्थित किए थे।
➤ ‘होल ऑफ गवर्नमेंट अप्रोच’ से होगा ड्रग्स का खात्मा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ड्रग्स का उत्पादन, तस्करी और सेवन केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश के सामने एक गंभीर चुनौती है। केंद्र सरकार की देशव्यापी ड्रग्स विरोधी मुहिम के तहत राज्य सरकार ने ‘समग्र शासकीय दृष्टिकोण’ विकसित किया। जिसके तहत गृह विभाग के माध्यम से विभिन्न विभागों में तालमेल बिठाकर अवैध ड्रग्स की खेती, परिवहन, बिक्री और सेवन पर पूरी तरह नियंत्रण लाने के लिए बड़े पैमाने पर उपाय किए जा रहे हैं।
इसके अलावा, ‘ड्रग्स फ्री मुंबई’ जैसे अभियानों के जरिए पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर जागरूकता फैलाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि एनडीपीएस एक्ट में जरूरी सुधार करने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को महत्वपूर्ण सुझाव भेजे हैं।
➤ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति: दोषी पुलिसकर्मी होंगे बर्खास्त, अच्छा काम करने वालों को प्रमोशन
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि नशीले पदार्थों के मामलों में सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। यदि कोई पुलिस अधिकारी या कर्मचारी एनडीपीएस कानून के तहत दोषी पाया जाता है, तो उसे सीधे सेवा से बर्खास्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
वही दूसरी तरफ, ड्रग्स के खिलाफ उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रमोशन, प्रोत्साहन लाभ और विशेष नियुक्तियां दी जाएंगी। एंटी-ड्रग्स टास्क फोर्स में ३ साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मियों को उनकी इच्छानुसार ट्रांसफर की सुविधा भी मिलेगी।
➤ आंकड़ों में ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई:
- २०२५ का एक्शन: साल २०२५ में एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स और पुलिस ने मिलकर कुल ₹५२३.१७ करोड़ के नशीले पदार्थों को जब्त कर पूरी तरह नष्ट किया।
- जनवरी से अप्रैल २०२६: ड्रग्स रखने के मामले में १,१४२ मामले दर्ज कर १,६२६ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और ₹२५४.५३ करोड़ का माल जब्त हुआ। साथ ही, नशा करने वालों के खिलाफ ३,१९९ मामले दर्ज किए गए।
- मई २०२६ के अंत तक: ड्रग्स बेचने वालों पर ५२८ मामले दर्ज कर ६५५ तस्करों को जेल भेजा गया, जबकि नशा करने वाले २,८५५ लोगों पर कार्रवाई कर २,४५९ लोगों को गिरफ्तार किया गया।
➤तस्कर ‘सलीम डोला’ की गिरफ्तारी और जब्ती माल को जलाने का नियम
सदन को आश्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ड्रग्स तस्करी मामले के बड़े आरोपी सलीम डोला को विदेश से गिरफ्तार कर भारत लाया जा चुका है और ऐसे मामलों में बेहद सख्त कार्रवाई जारी है।
➤ आगामी योजनाएं और पुनर्वसन केंद्र
सीएम ने आगे कहा की ड्रग्स के बारे में सही जानकारी देने वाले नागरिकों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी और उन्हें सरकार की तरफ से इनाम दिया जाएगा। बता दें की राज्य में फिलहाल एंटी-ड्रग्स टास्क फोर्स की ७ यूनिट्स काम कर रही हैं, नए पदों का सृजन कर इसका दायरा और बढ़ाया जाएगा।
➤व्यसनमुक्ति केंद्र: मुंबई और आस-पास के क्षेत्रों में आदी हो चुके मरीजों के पुनर्वास के लिए विशेष केंद्र बनाने हेतु बीएमसी को जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाएंगे। इसके साथ ही स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से हर जिले में व्यसनमुक्ति केंद्र स्थापित करने की योजना है।
➤ फिल्मों पर नजर: फिल्मों और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों में ड्रग्स को ‘ग्लैमराइज’ करने के चलन पर भी सरकार गंभीर है और इस पर लगाम लगाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।












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