मुंबई: जंगलों में लगने वाली भीषण आग पर काबू पाने और वन संपदा की रक्षा के लिए महाराष्ट्र सरकार अब वैश्विक स्तर की अत्याधुनिक तकनीक और विभिन्न देशों की कार्यप्रणाली का सहारा लेने जा रही है। इसके तहत ऑस्ट्रेलिया में जंगलों की आग को रोकने के लिए इस्तेमाल की जा रही आधुनिक तकनीकों और उपायों का अध्ययन करने के लिए राज्य के वन विभाग के चार अधिकारियों की एक विशेष टीम को वहां भेजा जाएगा। यह महत्वपूर्ण जानकारी वन मंत्री गणेश नाईक ने विधानसभा में एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए दी।
विधानसभा सदस्य भास्कर जाधव द्वारा इस संबंध में उठाए गए सवाल पर हुई चर्चा में सदस्य शेखर निकम, दिलीप लांडे और सुनील प्रभु ने भी हिस्सा लिया था, जिसके जवाब में वन मंत्री बोल रहे थे।
➤ वन संपदा और जैव विविधता का संरक्षण हमारी प्राथमिकता
सदन को संबोधित करते हुए वन मंत्री गणेश नाईक ने कहा कि राज्य के जंगलों को आग की विभीषिका से बचाने के साथ-साथ वन संपदा और जैव विविधता के संरक्षण व संवर्धन के लिए वन विभाग लगातार मुस्तैदी से काम कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जंगलों को बचाने के इस बड़े अभियान में आम जनता की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए चलाए जाने वाले जागरूकता अभियानों में सभी जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।
➤ निजी जमीनों पर लगने वाली आग और मुआवजे पर होगी विशेष बैठक
वन मंत्री नाईक ने एक और महत्वपूर्ण मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि राज्य में कई जगहों पर निजी मालिकाना हक वाली जमीनों या जंगलों में भी आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं। इससे होने वाले भारी नुकसान और प्रभावितों को मिलने वाले मुआवजे के संबंध में जल्द ही संबंधित विभागों और मंत्रियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई जाएगी, ताकि इस पर कोई ठोस नीतिगत फैसला लिया जा सके।












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