मुंबई:
महाराष्ट्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली ‘लालपरी’ यानी महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम के करीब ८६ हजार कर्मचारियों के लिए महायुति सरकार ने एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है। राज्य के परिवहन मंत्री और एसटी निगम के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने विधानमंडल में घोषणा की है कि अब एसटी कर्मचारियों को भी राज्य सरकार के कर्मचारियों की तर्ज पर बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा।
सरकार के इस बड़े फैसले के बाद एसटी कर्मचारियों की विभिन्न यूनियनों ने आगामी २९ जून को होने वाला अपना प्रस्तावित धरना प्रदर्शन वापस ले लिया है।
➤ उपमुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद लगी मुहर
सदन में बयान देते हुए परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि २२ जून को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देशानुसार एसटी की सभी श्रमिक यूनियनों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा कि एसटी सिर्फ एक परिवहन सेवा नहीं है, बल्कि ग्रामीण महाराष्ट्र की रीढ़ है। चिलचिलाती धूप हो या मूसलाधार बारिश, अपने परिवार से पहले यात्रियों की सेवा को प्राथमिकता देने वाले इन कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा करना सरकार का नैतिक कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा ताई पवार के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने कर्मचारियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह बड़ा कदम उठाया है।
➤ इन ३ बड़े मोर्चों पर मिली बड़ी राहत:
- महंगाई भत्ते में वृद्धि: कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) अब ५३ प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे ५८ प्रतिशत कर दिया गया है।
- मकान किराया भत्ता बढ़ा: घरभाड़ा भत्ता, जो पहले ८, १६ और २४ प्रतिशत की श्रेणियों में था, उसे अब बढ़ाकर क्रमशः १०, २० और ३० प्रतिशत कर दिया गया है।
- सालाना इंक्रीमेंट में बढ़ोतरी: कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि (सालाना इंक्रीमेंट) की दर को भी २ प्रतिशत से बढ़ाकर अब ३ प्रतिशत कर दिया गया है।
➤ तिजोरी पर पड़ेगा ₹४५ करोड़ का अतिरिक्त बोझ
परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस फैसले से एसटी महामंडळ पर हर महीने करीब ४५ करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। इसके बावजूद, कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाना और उनके अधिकारों की रक्षा करना सरकार के लिए सबसे ऊपर है। उन्होंने आश्वासन दिया कि महंगाई भत्ते, घरभाड़े और वेतन वृद्धि के एरियर (बकाया) समेत अन्य वैधानिक देनदारियों के कुल ५,६४९ करोड़ रुपये के भुगतान के लिए सरकार भविष्य में सभी आवश्यक प्रयास करेगी।
इस निर्णय को सफल बनाने के लिए मंत्री सरनाईक ने कृति समिति का नेतृत्व करने वाले विधायक गोपीचंद पाडळकर, विधायक सदाभाऊ खोत, पूर्व परिवहन मंत्री अनिल परब, विधायक भाई जगताप और विधायक प्रवीण दरेकर के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने लगातार कर्मचारियों की आवाज को सरकार तक पहुँचाया।
कर्मचारी खुश होंगे, तभी लालपरी अधिक सक्षम होकर दौड़ेगी: प्रताप सरनाईक
“आज का यह ऐतिहासिक निर्णय केवल वेतन वृद्धि का नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों के प्रति विश्वास, सम्मान और मानवीय संवेदनाओं की जीत है। जब हमारे ड्राइवर, कंडक्टर, तकनीकी कर्मचारी और अधिकारी संतुष्ट होंगे, तभी हमारी लालपरी अधिक क्षमता और कार्यकुशलता के साथ महाराष्ट्र के कोने-कोने तक दौड़ेगी।”
— प्रताप सरनाईक (परिवहन मंत्री, महाराष्ट्र)












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