नवी मुंबई | प्रतिनिधि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी ‘पीएम विश्वकर्मा योजना’ को जन-जन तक पहुँचाने और पारंपरिक कारीगरों को एक मजबूत मंच प्रदान करने के उद्देश्य से वाशी स्थित नवी मुंबई स्पोर्ट्स एसोसिएशन में आयोजित तीन दिवसीय प्रदर्शनी एवं ट्रेड फेयर का भव्य समापन समारोह संपन्न हुआ। एमएसएमई विकास कार्यालय मुंबई, महाराष्ट्र राज्य खादी ग्रामोद्योग मंडल और नवी मुंबई जनकल्याण महिला नागरी सेवा सहकारी संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम को स्थानीय नागरिकों का अभूतपूर्व प्रतिसाद मिला।
प्रदर्शनी में 18 विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े विश्वकर्मा शिल्पकारों के 50 से अधिक स्टॉल्स लगाए गए थे। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सहकार भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री संजय पाचपोर और महाराष्ट्र प्रदेश सचिव भूषण पैठणकर उपस्थित थे। उनके साथ भाजपा नगरसेवक निशांत भगत और नवी मुंबई जनकल्याण महिला नगरी सेवा सहकारी संस्था की अध्यक्ष जया अलीमचंदानी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की।
इस प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण अयोध्या के राम मंदिर निर्माण से प्रेरित ‘रामायण थीम’ वाली मधुबनी पेंटिंग्स बनाने वाले कलाकार रहे। देशभर से आए कलाकारों ने अपनी संस्कृति और अद्भुत कौशल का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में सभी सहभागी विश्वकर्माओं को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
शिल्पकारों का उत्साह बढ़ाते हुए सहकार भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री संजय पाचपोर और भूषण पैठणकर ने कहा कि, “प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना हमारे समाज की उन 18 श्रेणियों के शिल्पकारों के सशक्तिकरण का जरिया है, जो पीढ़ियों से हमारी संस्कृति को संजोए हुए हैं। ऐसी प्रदर्शनियों से इन कारीगरों को न केवल बड़ा बाजार मिलता है, बल्कि उनके हुनर को एक नई वैश्विक पहचान भी मिलती है।”
नवी मुंबई जनकल्याण महिला नगरी सेवा सहकारी संस्था की अध्यक्ष जया अलीमचंदानी ने सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि, “नवी मुंबई के नागरिकों ने जिस गर्मजोशी के साथ इन पारंपरिक उत्पादों को अपनाया है, वह सराहनीय है। हमारा उद्देश्य इन छोटे कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाना है।”
इस अवसर पर भाजपा उद्योग अघाड़ी के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित थे। इस प्रदर्शनी ने यह सिद्ध कर दिया कि आधुनिकता के दौर में भी भारत की पारंपरिक कला और ‘विश्वकर्मा’ समाज की प्रासंगिकता अक्षुण्ण है।











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