भारतीय क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों को अवसर देने की नीति लगातार मजबूत होती जा रही है। बीसीसीआई और चयन समिति का फोकस अब केवल तात्कालिक जीत तक सीमित न रहकर, दीर्घकालीन टीम निर्माण पर केंद्रित दिखाई दे रहा है। हाल के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में टीम इंडिया ने कई युवा खिलाड़ियों को मौका देकर भविष्य की नींव मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाया है।
घरेलू क्रिकेट, इंडिया-A और अंडर-23 स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अब राष्ट्रीय टीम के आसपास लगातार मौके मिल रहे हैं। युवा बल्लेबाजों ने तकनीकी मजबूती और धैर्य का परिचय दिया है, वहीं तेज गेंदबाजों ने गति, नियंत्रण और दबाव में विकेट लेने की क्षमता से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीति आगामी आईसीसी टूर्नामेंटों और बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए भारत को मानसिक और तकनीकी रूप से अधिक तैयार बनाएगी। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन टीम इंडिया को हर प्रारूप में प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में मदद करेगा।
बीसीसीआई की यह सोच भारतीय क्रिकेट को केवल वर्तमान में नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में भी विश्व क्रिकेट में शीर्ष पर बनाए रखने की दिशा में एक मजबूत संकेत मानी जा रही है।















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