महाराष्ट्र में आदिवासी विकास से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाळ के नेतृत्व में आदिवासी विधायकों और आदिवासी सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने नागपुर स्थित विधान भवन में मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल से मुलाकात की। यह बैठक गुरुवार, 12 दिसंबर को आयोजित हुई।
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी कि आदिवासी विकास के लिए निर्धारित धनराशि केवल आदिवासी समाज की योजनाओं के लिए ही उपयोग की जानी चाहिए। साथ ही, यह भी जोर दिया गया कि अनुसूचित जनजाति के लिए तय आरक्षण का लाभ केवल वास्तविक आदिवासी समुदाय को मिले और फर्जी जाति प्रमाणपत्र धारकों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई, जिनमें शामिल हैं:
- PESA क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति के कर्मचारियों की भर्ती
- भर्ती आदेशों में विसंगतियाँ दूर करना
- अवैध जाति प्रमाणपत्र प्राप्ति रोकने के लिए कानून बनाना
- आदिवासी विश्वविद्यालय की स्थापना
- मुंबई और पुणे विश्वविद्यालय परिसरों में आदिवासी छात्र-छात्राओं के लिए नए छात्रावासों का निर्माण
- लंबित वन अधिकार दावों को तेजी से निपटाना
- वर्ष में दो बार आदिवासी सलाहकार परिषद की बैठक आयोजित करना
इस बैठक में आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके, विधायक राजेंद्र गावित तथा अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।
मंत्री नरहरी झिरवाळ ने बताया कि बैठक सकारात्मक रही और सरकार आदिवासी समुदाय के हक और विकास को लेकर गंभीर व प्रतिबद्ध है।













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