नागपुर में राज्य के वनमंत्री गणेश नाइक ने ‘वाइल्ड बोअर रेस्क्यू केज’ (रानडुक्कर रेस्क्यू केज) का उद्घाटन किया। वन विभाग की यह पहल मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस विशेष पिंजरे की मदद से जंगली सूअरों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर, निर्धारित नियमों के अनुसार उचित वन क्षेत्र में पुनर्स्थापित किया जा सकेगा। इससे किसानों की फसलों को होने वाला नुकसान कम होगा और साथ ही वन्यजीवों की सुरक्षा भी मजबूत होगी। यह पहल दोहरे उद्देश्य को साधती है—
✔ किसानों की फसल की रक्षा
✔ वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान वनमंत्री गणेश नाइक ने ताडोबा-अंधारी टाइगर प्रोजेक्ट से संबंधित जानकारी देने वाली दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का प्रकाशन भी किया। इन पुस्तकों में संरक्षण कार्य, बाघों के व्यवहार, पर्यटन प्रबंधन और प्रोजेक्ट की उपलब्धियों का विस्तृत विवरण शामिल है।
उद्घाटन समारोह में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें अपर मुख्य सचिव (वन) मिलिंद मेहस्कर और महाराष्ट्र के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एम. श्रीनिवासा राव शामिल थे। कार्यक्रम ने वन विभाग की आधुनिक और संवेदनशील कार्यप्रणाली को एक नई दिशा दी है।













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