नई दिल्ली, 6 अगस्त 2025
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और आगामी चुनावों के प्रमुख उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए भारतीय वस्तुओं पर 25% अतिरिक्त आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने की घोषणा कर दी है। यह निर्णय भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने और पुनः निर्यात किए जाने के मुद्दे को लेकर लिया गया है।
🛢 भारत पर रूस से तेल खरीदने का आरोप
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि भारत, रूस से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदकर उसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंचे दामों पर बेच रहा है। उनके अनुसार, इससे रूस को आर्थिक रूप से सहायता मिल रही है, जो यूक्रेन युद्ध के दौरान अमेरिका की नीतियों के विपरीत है।
“भारत को इसका खामियाजा भुगतना होगा। अगर हम दुनिया का नेतृत्व कर रहे हैं, तो हमें ऐसे व्यवहार की अनुमति नहीं दे सकते,” — डोनाल्ड ट्रंप ने कहा।
🧾 भारत की प्रतिक्रिया: “अनुचित और एकतरफा निर्णय”
भारत सरकार ने ट्रंप के बयान को “अनुचित, एकतरफा और WTO नियमों के विरुद्ध” बताया है। वाणिज्य मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा:
“भारत अपने व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा। यह टैरिफ हमारी अर्थव्यवस्था और उद्योगों पर प्रतिकूल असर डाल सकते हैं, और हम इसे चुनौती देंगे।”
📉 आर्थिक असर और व्यापारिक जगत की चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह टैरिफ वास्तव में लागू होते हैं, तो भारत से अमेरिका को होने वाला निर्यात बुरी तरह प्रभावित हो सकता है, खासकर कपड़ा, इंजीनियरिंग, औषधि, स्टील और रत्न-आभूषण क्षेत्र।
वर्तमान में भारत अमेरिका का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है, और दोनों देशों के बीच वर्ष 2024 में लगभग 200 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था।
🌍 भारत–अमेरिका संबंधों पर असर
यह कदम पहले से ही नाजुक बने हुए भारत–अमेरिका रणनीतिक संबंधों को और तनावपूर्ण बना सकता है। हाल ही में G20 और QUAD जैसे मंचों पर दोनों देशों ने सहयोग का वादा किया था, लेकिन यह टैरिफ विवाद उस भरोसे को चुनौती देता दिख रहा है।















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