महाराष्ट्र रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) ने प्रस्तावित योजना तैयार की है कि पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे को अब 10‑लेन ‘सुपरहाइवे’ में बदला जाए
। वर्तमान में यह आठ‑लेन में विस्तारित किया जा रहा है, लेकिन नए प्रस्ताव के तहत अतिरिक्त दो लेन जोड़ी जाएंगी, और इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹14,260 करोड़ है, जिसमें ₹1,420 करोड़ तत्काल विस्तार के लिए अलॉट किए गए हैं। यह फंड टोल संग्रह के माध्यम से जुटाया जाएगा, और टोल का मौजूदा लाइसेंस 2045 तक मान्य है।
यह एक्सप्रेसवे देश के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है — जहाँ सप्ताह में लगभग 65,000 और वीकेंड्स पर 100,000 से अधिक वाहन उपयोग करते हैं। ट्रैफिक हर साल 5–6% बढ़ रहा है। गाताला (Khandala Ghat) सेक्शन का निर्माण पहले से चल रहा है। अतिरिक्त रिहायशी भूमि अधिग्रहण की ज़रूरत कम है क्योंकि ज़्यादातर जमीन MSRDC के पास है। योजना को राजनीतिक और सार्वजनिक समर्थन भी मिलता दिख रहा है, और इसे चरणबद्ध ढंग से समयबद्ध तरीके से लागू किए जाने की उम्मीद है।
इस परियोजना के पूर्ण होने से पुणे-मुंबई के बीच यात्रा का समय घटकर औसतन 1.5 घंटे तक हो सकता है, जिससे व्यापार, पर्यटन और आपातकालीन सेवाओं को तेज़ गति से संचालन में सुविधा मिलेगी। साथ ही, ट्रैफिक जाम, हादसों और ईंधन की खपत में भी कमी आने की संभावना है। स्मार्ट टोलिंग सिस्टम, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट और ग्रीन टेक्नोलॉजी के उपयोग के लिए भी विशेष प्रावधान किया जाएगा, जिससे यह ‘सुपरहाइवे’ भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा सके।
MSRDC के अधिकारियों ने बताया कि पर्यावरणीय स्वीकृतियाँ लेने और सामाजिक प्रभाव आकलन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। परियोजना के अंतर्गत मौजूदा पुलों और टनलों को भी अपग्रेड किया जाएगा, और नई सुरक्षा सुविधाएँ जैसे ऑटोमैटिक बैरिकेड्स, आपातकालीन फोन बूथ और सीसीटीवी निगरानी को भी शामिल किया जाएगा। यह हाईवे न केवल महाराष्ट्र, बल्कि पूरे देश की सड़क अधोसंरचना में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।













Leave a Reply