नासिक जिले में बिना समय के बारिश (unseasonal rain) से करीब 14,000 हेक्टेयर फसल को व्यापक क्षति हुई है
। इसमें द्राक्ष, नीबू, सोयाबीन जैसी प्रमुख फसलों को सबसे अधिक नुकसान हुआ। स्थानीय किसानों और कृषी विभाग का अनुमान है कि इस नुकसान से निपटने के लिए लगभग ₹41 करोड़ की सरकारी सहायता की आवश्यकता होगी। कृषि विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण शुरू कर दिया है और जबरदस्त आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
कई किसान जो पहले से कर्ज में फंसे हुए थे, वो इस नए झटके को झेल नहीं पाएंगे। जिला प्रशासन ने राज्य सरकार को तात्कालिक राहत पैकेज देने का अनुरोध किया है तथा नासिक में छितराए कृषि मौसम प्रबंधन केंद्रों के माध्यम से किसानों को मौसम‑अनुकूल सलाह दी जा रही है।
इसके अलावा, कृषि विभाग ने किसानों के लिए विशेष शिविरों का आयोजन करने की योजना बनाई है जहाँ उन्हें बीमा क्लेम, कर्ज पुनर्गठन और वैकल्पिक फसल पद्धतियों की जानकारी दी जाएगी। कई स्वयंसेवी संस्थाएं भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर किसानों को आर्थिक और मनोवैज्ञानिक सहायता देने का प्रयास कर रही हैं। मौसम विभाग द्वारा दी जा रही अस्थिर मौसमी जानकारी को देखते हुए कृषि योजनाओं में संशोधन की आवश्यकता पर भी चर्चा चल रही है। सरकार ने संकेत दिया है कि यदि नुकसान का मूल्यांकन सही सिद्ध हुआ, तो राहत राशि बढ़ाई भी जा सकती है।













Leave a Reply