नवी मुंबई में न हो ‘लखनऊ जैसा अग्निकांड’, नवी मुंबई के कोचिंग क्लासेस की ‘फायर सेफ्टी ऑडिट करने की “शिवसेना (उबाठा)” की मांग

नवी मुंबई के कोचिंग क्लासेस की 'फायर सेफ्टी ऑडिट करने की "शिवसेना (उबाठा)" की मांग

नवी मुंबई
उत्तर प्रदेश स्थित लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में १५ छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद नवी मुंबई में भी सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस घटना के मद्देनजर शिवसेना (उबाठा) गुट के उपशहर प्रमुख समीर बागवान ने नवी मुंबई मनपा आयुक्त को पत्र लिखकर मांग कि है, की नवी मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र के सभी कोचिंग क्लासेस, इंटीग्रेटेड शिक्षण संस्थानों, प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन केंद्रों, एनिमेशन अकादमियों और ट्यूशन क्लासेस की तत्काल विशेष अग्निसुरक्षा ऑडिट किया जाए।

उन्होंने इसी को लेकर निवेदन की प्रतियां मुख्य अग्निशमन अधिकारी, पुलिस आयुक्त, सह पुलिस आयुक्त, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और शिक्षा विभाग को भी भेजी हैं, ताकि सभी विभाग मिलकर इस मुद्दे पर सख्त कदम उठा सकें।

मनपा आयुक्त को सौंपे गए अपने ज्ञापन में समीर बागवान ने ध्यान आकर्षित किया है कि नवी मुंबई में रोजाना हजारों छात्र विभिन्न कोचिंग और प्रशिक्षण संस्थानों में आते हैं। इनमें से अधिकांश क्लासेस व्यावसायिक परिसरों, कार्यालय, पुरानी इमारतों या व्यवसयिक व रिहायशी इमारतों में चल रहे हैं। ऐसे में छात्रों की सुरक्षा के लिहाज से इन सभी जगहों का तत्काल फायर ऑडिट करना समय की जरुरत है।

➤ प्रमुख मांगें:
संयुक्त टीम द्वारा जांच: महानगरपालिका, फायर ब्रिगेड, पुलिस, आपदा प्रबंधन और शिक्षा विभाग की एक संयुक्त टीम बनाकर पूरे शहर में विशेष जांच अभियान चलाया जाए।

➤ फायर NOC की दोबारा जांच: सभी शिक्षण संस्थानों और कोचिंग क्लासेस के ‘फायर एनओसी’ की री-वेरिफिकेशन की जाए।

➤ इमरजेंसी एग्जिट का निरीक्षण: आपातकालीन निकास द्वार, वैकल्पिक सीढ़ियां, इमरजेंसी लाइट और दिशा-सूचक बोर्ड सही स्थिति में हैं या नहीं, इसकी जमीनी स्तर पर जांच की जाए।

➤ क्षमता से अधिक छात्रों पर रोक: क्लासेस में छात्रों की वास्तविक उपस्थिति और इमारत की अधिकृत वहन क्षमता के अंतर को परखा जाए। क्षमता से अधिक छात्र बिठाने वाले सेंटर्स पर कार्रवाई हो।

➤ इवेक्युएशन प्लान और मॉक ड्रिल: प्रत्येक संस्थान के पास इमरजेंसी रिस्पांस और डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान होना अनिवार्य किया जाए। साथ ही समय-समय पर ‘फायर ड्रिल’ और ‘मॉक इवेक्युएशन ड्रिल’ आयोजित करना बंधनकारक किया जाए।

हादसे का इंतजार करने के बजाय आज ही जागना जरूरी: समीर बागवान

“लखनऊ में छात्रों की जान जाने के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि नवी मुंबई में ऐसी किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए आज ही सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं। यह प्रशासन की सामूहिक, वैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है। छात्रों की सुरक्षा में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। मनपा को तुरंत जांच शुरू कर इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए।”
— समीर बागवान (उप शहर प्रमुख – शिवसेना (उबाठा))

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