नवी मुंबई: नवी मुंबई महानगरपालिका के तहत आने वाले सभी सार्वजनिक अस्पतालों, माता-बाल अस्पतालों और नागरी आरोग्य केंद्रों में नागरिकों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और अधिक बेहतर बनाने के लिए मनपा प्रशासन ने कमर कस ली है। इस संबंध में महापालिका आयुक्त डॉ. कैलाश शिंदे द्वारा लगातार समीक्षा बैठकें ली जा रही हैं, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
समीक्षा बैठक के दौरान आयुक्त डॉ. कैलाश शिंदे ने सबसे ज्यादा जोर मरीजों के डेटा प्रबंधन और डिजिटलीकरण पर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्राथमिक स्तर पर चिकित्सा जांच और उपचार करने वाले सभी नागरिक स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी पूरी तरह से सटीक और अपडेटेड होनी चाहिए। इसके साथ ही मनपा के पास उपलब्ध होने वाले सभी प्रकार के मेडिकल डेटा को डिजिटल करने और ‘आयुष्मान भारत कार्ड’ के वितरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। अस्पतालों में होने वाली मातृ-शिशु मृत्यु दर पर चिंता व्यक्त करते हुए आयुक्त ने प्रत्येक मृत्यु के कारणों की गहन जांच करने के लिए ‘डेथ ऑडिट’ करने की बात कही, ताकि भविष्य में उचित उपचार योजना बनाकर इस दर को न्यूनतम किया जा सके।
आगामी मानसून के मद्देनजर आयुक्त ने संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए अभी से ही प्रभावी और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं। विशेष रूप से मलेरिया की रोकथाम के लिए उन्होंने शहर के सबसे संवेदनशील और जोखिम वाले क्षेत्रों, यानी ‘निर्माण स्थलों’ पर विशेष नजर रखने और वहां सघन जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, विभिन्न प्रकार के टीकाकरण कार्यक्रमों में बड़े पैमाने पर जन-भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सोसायटियों और झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में जागरूकता शिविर आयोजित करने, स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लेने और स्थानीय स्तर पर पूर्व नगरसेवकों को इसमें शामिल करने का सुझाव दिया गया है।
अस्पतालों की चिकित्सा क्षमता को बढ़ाते हुए महानगरपालिका की टेस्टिंग लैब में थैलेसीमिया और स्वाइन फ्लू जैसी महत्वपूर्ण एवं गंभीर जांचों को जल्द से जल्द शुरू करने की आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। साथ ही, मनपा अस्पतालों में मौजूद ऑक्सीजन प्लांट के स्थानांतरण की प्रक्रिया को तेज करने और सभी वेंटिलेटरों को पूरी तरह कार्यात्मक बनाकर उपयोग में लाने के उद्देश्य से उचित नियोजन करने की बात आयुक्त ने कही।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मनपा के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश म्हात्रे, उप आयुक्त डॉ. अजय गड़दे, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. धनवंती घाडगे एवं डॉ. रत्नप्रभा चव्हाण सहित तीनों सार्वजनिक अस्पतालों के आरोग्य अधीक्षक, माता-बाल अस्पतालों के अधिकारी, विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी और पीजी मेडिकल इंस्टीट्यूट के डीन डॉ. ज्ञानेश बेलेकर प्रमुख रूप से उपस्थित थे।













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