नवी मुंबई | दिघा (इलठाण पाडा) स्थित ब्रिटिशकालीन मोगली डैम परिसर में २८ मई को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। ठाणे क्षेत्र से अपने दोस्तों के साथ मोगली डैम घूमने आए तीन युवकों में से २० वर्षीय साहिल कैलाश बनकर की पानी में डूबने से मौत हो गई। इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही नवी मुंबई की महापौर सुजाता पाटिल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने वहां उपस्थित मनपा अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों से पूरी घटना की जानकारी ली और पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
इस दौरान स्थानीय नागरिकों ने महापौर से मांग की कि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए डैम के चारों ओर सुरक्षा दीवार बनाई जाए, २४ घंटे सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएं और आपातकालीन बचाव व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नागरिकों को आश्वस्त करते हुए महापौर सुजाता पाटिल ने बताया कि मोगली डैम वर्तमान में रेलवे प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसे नवी मुंबई महानगरपालिका को हस्तांतरित करने के लिए रेलवे विभाग से लगातार पत्र व्यवहार और प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि मनपा जरूरी अनुमतियों के लिए रेलवे के संपर्क में है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर ‘स्कूबा डाइवर्स’ व अन्य बचाव सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
इस दुखद घटना के बाद महापौर सुजाता पाटिल ने युवाओं से अपील करते हुए कहा, “आपका जीवन बेहद अनमोल है। महज कुछ पलों के उत्साह और आनंद के लिए अपनी जान जोखिम में न डालें। उन्होंने कहा की ऐसे खतरनाक जलाशयों के पास सतर्क रहें और अपनी सुरक्षा के प्रति स्वयं भी जवाबदेह बनें।












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