नवी मुंबई पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में एक नागरिक से इंश्योरेंस पॉलिसी बंद करने और मोटी रकम रिफंड दिलाने का झांसा देकर 61,45,580 रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का नवी मुंबई सायबर पुलिस ने भंडाफोड़ हुआ है। नवी मुंबई साइबर पुलिस स्टेशन की विशेष जांच टीम ने तकनीकी विश्लेषण और सबूतों के आधार पर देश की राजधानी दिल्ली के जाफराबाद इलाके में छापेमारी कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। आरोपी पेशे से वहां कपड़े बेचने का व्यवसाय करता था।
➤ तकनीकी कोड्स के जाल में उलझाकर ऐंठे लाखों रुपये
साइबर थाने से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामले 1 सितंबर 2025 से 14 मई 2026 के बीच अंजाम दिया गया। ठगों ने सुनियोजित साजिश के तहत पीड़ित नागरिक से संपर्क साधकर खुद को “भारती एक्सा” (Bharti AXA) इंश्योरेंस कंपनी का अधिकृत अधिकारी और एजेंट बताया। आरोपी ने पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए व्हाट्सएप और ई-मेल पर कंपनी के फर्जी व बनावट दस्तावेज भेजे। इसके बाद, पॉलिसी की रकम वापस दिलाने की आड़ में कभी ‘एजेंट कोड जेनरेट करने’, कभी ‘पेपर वर्क’, कभी ‘बी.टी.सी. कोड (BTC Code)’ निकालने तो कभी ‘कैश कन्वर्ट’ करने के अलग-अलग तकनीकी का इस्तेमाल कर पीड़ित को लगातार गुमराह किया गया। ठगों के झांसे में आकर पीड़ित ने उनके द्वारा दिए गए विभिन्न बैंक खातों में कुल 61 लाख 45 हजार 580 रुपये जमा कर दिए। काफी समय बीतने के बाद भी जब कोई रिफंड नहीं मिला, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
➤ नवी मुंबई आयुक्त मिलिंद भारंबे के निर्देश पर दिल्ली में ‘लोकेशन ट्रेस’ कर की गई छापेमारी
ठगी की गंभीरता को देखते हुए नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे, सह-पुलिस आयुक्त दीपक साकोरे, अपर पुलिस आयुक्त प्रमोद शेवाले और अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त सचिन गुंजाल ने साइबर सेल को तत्काल जांच के कड़े आदेश जारी किए।
साइबर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 336(2), 336(3), 3(5) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 66 (डी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच टीम ने जब संदेहास्पद मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का तकनीकी विश्लेषण किया, तो मुख्य आरोपी की लोकेशन दिल्ली के जाफराबाद में पाई गई। सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) धर्मपाल बनसोडे के मार्गदर्शन में साइबर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विशाल पाटिल, सहायक पुलिस निरीक्षक विवेक भोईर, उप-निरीक्षक राहुल कोली और उनकी टीम ने दिल्ली पहुंचकर स्थानीय पुलिस की मदद से आंबेडकर बस्ती में जाल बिछाया और आरोपी को धर दबोचा।
➤ कमीशन के खेल का खुलासा, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस बड़ी ठगी की साजिश रची थी। फोन कॉल्स करने और पीड़ित को झांसे में रखने के बदले उसे इस काली कमाई में से एक बड़ी रकम कमीशन के रूप में मिली थी। फिलहाल इस अंतरराज्यीय गिरोह के अन्य सह-आरोपियों और मास्टरमाइंड की धरपकड़ के लिए साइबर पुलिस की टीमें विभिन्न राज्यों में आगे की तफ्तीश कर रही हैं।
➤ साइबर सेल अलर्ट: नागरिकों के लिए एडवाइजरी
इस हाई-प्रोफाइल ठगी के बाद नवी मुंबई पुलिस आयुक्तालय ने सिडको और महानगरपालिका क्षेत्रों के नागरिकों के लिए सुरक्षा गाइडलाइंस जारी की हैं:
- सत्यापन: किसी भी इंश्योरेंस पॉलिसी को शुरू या बंद करने के लिए आने वाले संदिग्ध कॉल्स पर भरोसा न करें। कोई भी लेनदेन करने से पहले सीधे कंपनी के अधिकृत कार्यालय या आधिकारिक कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क कर जांच करें।
- गोपनीयता: किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना बैंक खाता नंबर, क्रेडिट/डेबिट कार्ड विवरण या ओटीपी (OTP) साझा न करें।
- प्रलोभन: कम प्रीमियम, भारी बोनस या समय से पहले आकर्षक रिटर्न के झूठे प्रलोभनों से बचें।
- तत्काल रिपोर्ट: किसी भी प्रकार के साइबर फ्रॉड का शिकार होने या संदेह होने पर बिना समय गंवाए तुरंत अपने नजदीकी थाने में शिकायत करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा आधिकारिक पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।












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