नवी मुंबई: यादवनगर कहने को तो एक घनी आबादी वाला रिहायशी इलाका है, लेकिन हकीकत में यहाँ के नागरिक हर दिन मौत के साये में जीने को मजबूर हैं। यादवनगर के नागरिकों का आरोप है की देवीधाम नगर, आश्रम क्षेत्र और टाकी परिसर जैसे इलाकों में महावितरण की लापरवाही के कारण नागरिक जान हथेली में लेकर जीने को मजबूर है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार करीब 7 से 8 साल पहले बिजली विभाग ने सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर बिजली के खंभों के ऊपरी हिस्से में मीटर बॉक्स लगाने के बजाय, उन्हें जमीन से सटाकर लगाया है, साथ ही इतने साल बीत जाने के बावजूद महावितरण ने इन मीटर बॉक्सों के रखरखाव या मरम्मत की कोई सुध नहीं ली, जिसका खामियाजा आज यहां की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
धोखादायक परिस्थिति में पड़े इन मीटरों बॉक्स के कारण आए दिन शॉर्ट-सर्किट, स्पार्किंग और आग लगने की घटनाएं बढ़ती जा रही है।
स्थिति का खुलासा करते हुए नागरिकों ने कहा की महावितरण की लापरवाही यही तक नहीं समाप्त हुयी, बल्कि आज भी कई घरों की मुख्य दीवारों पर ही ये जानलेवा मीटर बॉक्स खुले आम – बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे रहे हैं। हालत इतने बद्द से बद्द्तर हो चुके है की बरसात या आम दिनों में भी घरों की दीवारों में करंट उतरने का डर चौबीसों घंटे सताता रहता है।
याद दिला दे की पिछले साल खुले में जमीन पर रखे एक ट्रांसफार्मर की चपेट में आने से एक मासूम बच्चे की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई थी। ऐसे में नागरिको ने आरोप लगाया की उस वक्त महावितरण के अधिकारियों ने अपनी जवाबदेही से बचने के लिए आनन-फानन में ट्रांसफार्मर के करीब एक साधारण फेंसिंग खड़ी कर दी और मामले को रफा-दफा कर दिया था, लेकिन मुख्य समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ।
ऐसे में सड़क पर फैले खुले तार, धूल फांकते जर्जर मीटर बॉक्स और ऊपर से जनता पर जबरन थोपे जा रहे स्मार्ट मीटरों के बोझ के कारण अब महावितरण के खिलाफ नागरिको का रोष बढ़ता जा रहा है।
➤ नगरसेवक राम आशीष यादव का महावितरण को कड़ा अल्टीमेटम
इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर शिवसेना के नगरसेवक राम आशीष यादव ने जनता की सुरक्षा के लिए महावितरण प्रशासन के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने महावितरण के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौपकर, चेताया की अगर महावितरण प्रशासन तुरंत इन मीटर बॉक्सों को सुरक्षित ऊंचाई पर शिफ्ट नहीं करता तो जनता के साथ आक्रामक रुख अख्तियार किया जायेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”
स्थानीय निवासियों और नगरसेवक राम आशीष यादव की मांग है कि इस बड़े रिहायशी वार्ड के लिए महावितरण की ओर से एक स्थायी ‘लाइनमैन’ की नियुक्ति की जाए, जो किसी भी अप्रिय स्थिति या स्पार्किंग के दौरान उसे ठीक करने के लिए उपलब्ध हो.












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