निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने का निर्देश, यात्रियों की सुविधा सर्वोपरि – सरकार का स्पष्ट संदेश
मुंबई, 25 जुलाई 2025:
मुंबई में जारी मेट्रो परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) और मेट्रो प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में विभिन्न मेट्रो लाइनों की निर्माण प्रगति, लागत, यात्री सुविधाएं और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में विशेष रूप से मेट्रो लाइन 2A (दहिसर से डीएन नगर), लाइन 7 (दहिसर ईस्ट से अंधेरी ईस्ट) और लाइन 3 (कोलाबा-बांद्रा-सीप्झ) की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किया जाए और परियोजना में किसी भी प्रकार की देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्य बिंदु:
🔸 यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा प्राथमिकता में:
सीएम शिंदे ने कहा कि मेट्रो प्रोजेक्ट मुंबईवासियों के लिए एक बड़ा परिवहन विकल्प है, और इसमें यात्री सुरक्षा, स्टेशन पर सुविधाएं, शौचालय, लिफ्ट और रैम्प जैसी मूलभूत ज़रूरतें पूरी तरह सुनिश्चित की जानी चाहिए।
🔸 पर्यावरणीय मानकों का पालन अनिवार्य:
डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने जोर देकर कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान धूल नियंत्रण, ध्वनि प्रदूषण प्रबंधन और स्थानीय नागरिकों को होने वाली असुविधा को न्यूनतम किया जाए।
🔸 सार्वजनिक संवाद और पारदर्शिता:
बैठक में तय किया गया कि मेट्रो निर्माण से प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय नागरिकों को नियमित जानकारी दी जाए, जिससे अफवाहें और असंतोष की स्थिति से बचा जा सके।
🔸 लाइन 3 को लेकर विशेष निर्देश:
कोलाबा-बांद्रा-सीप्झ अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन को लेकर मुख्यमंत्री ने तकनीकी चुनौतियों का समाधान शीघ्र निकालने का निर्देश दिया और वित्तीय स्वीकृति और निजी कंपनियों के सहयोग पर भी चर्चा की गई।
फडणवीस ने कहा – मेट्रो से बदलेगा मुंबई का भविष्य
डिप्टी सीएम ने कहा, “मुंबई मेट्रो केवल एक यातायात परियोजना नहीं, बल्कि शहर के भविष्य की रचना है। इससे ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और समय की बर्बादी में भारी कमी आएगी।” उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने की चेतावनी दी।
अब तक की प्रगति:
- मेट्रो लाइन 2A और 7 आंशिक रूप से शुरू
- 2026 तक मुंबई में कुल 337 किमी मेट्रो नेटवर्क लक्ष्य
- रोज़ाना अनुमानित 50 लाख यात्री लाभान्वित होंगे











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