नई दिल्ली, 25 जुलाई:
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) जनरल अनिल चौहान ने शुक्रवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अब भी सक्रिय है और देश को चौबीसों घंटे, वर्षभर उच्च स्तर की सैन्य तैयारी बनाए रखनी चाहिए। वे सुब्रतो पार्क में आयोजित ‘एयरोस्पेस पावर’ संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्धों की प्रकृति बदल रही है और ऐसे में सेना को अब सूचना योद्धा, तकनीकी योद्धा और विद्वान योद्धा जैसे बहुआयामी सैनिकों की आवश्यकता होगी।
CDS ने कहा कि युद्ध में कोई भी अधूरा विजेता नहीं होता, इसलिए सतत सतर्कता और अभियानगत तैयारी अनिवार्य है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए बताया कि यह अभी भी जारी है और यह भारत की त्वरित और सटीक जवाबी कार्रवाई का उदाहरण है। ज्ञात हो कि यह ऑपरेशन 7 मई को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद PoK में आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाकर शुरू किया गया था।
जनरल चौहान ने सेना में बौद्धिक क्षमता और तकनीकी समझ के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक सैनिक को रणनीतिक ज्ञान और तकनीकी विशेषज्ञता से लैस होना चाहिए। उन्होंने संगोष्ठी में भारतीय वायुसेना, ‘कॉलेज ऑफ एयर वॉरफेयर’ और ‘सेंटर फॉर पावर स्टडीज’ के प्रयासों की भी सराहना की।











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