➤ मनपा मुख्यालय के बाहर जमकर मना आनंदोत्सव
नवी मुंबई महानगरपालिका (एनएमएमसी) के ठेका (कॉन्ट्रैक्ट) कर्मचारियों के लिए आज का दिन एक ऐतिहासिक और दिवाली जैसा उत्सव लेकर आया है। राज्य के वनमंत्री आदरणीय गणेशजी नाईक से की गई मांग और उसके बाद श्रमिक सेना संगठन के अध्यक्ष संजीव नाईक द्वारा लगातार किए गए कड़े फॉलोअप (पीछा करने) के बाद, कामगारों के न्याय व हक की आवाज को आखिरकार बड़ी सफलता मिली है। महासभा में आज नवी मुंबई मनपा के ठेका कामगारों के वेतन वृद्धि का ऐतिहासिक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है।
वादे की हुई ‘वचनपूर्ति’
बता दें कि पहली महासभा बैठक के दौरान सदन के नेता (सभागृह नेता) सागर नाईक ने कामगारों के न्याय के लिए आवाज बुलंद करते हुए यह वादा किया था कि कर्मचारियों की वेतन वृद्धि के संदर्भ में जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। अपने उसी वादे को निभाते हुए (वचनपूर्ति करते हुए), पहली महासभा के स्थगन (तर्कुब) के बाद आयोजित हुई महासभा में सागर नाईक के माध्यम से इस सुंदर और कल्याणकारी प्रस्ताव को पटल पर लाया गया। सदन में इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसके बाद इसे सर्वसम्मति से मंजूर कर लिया गया।
‘विशेष भत्ता हेड’ के तहत मिलेगी पूरी रकम, अगले महीने से लागू
सदन में इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि यदि मूल वेतन (बेसिक) में बढ़ोतरी की जाती, तो पीएफ या अन्य कटौतियों के कारण कर्मचारियों के हाथ में बहुत कम रकम आती। ऐसा न हो, इसीलिए एक विशेष ‘भत्ता’ हेड के अंतर्गत कर्मचारियों के वेतन में ₹७,५०० की यह बड़ी और ठोस वृद्धि की गई है। इसका लाभ मनपा के सभी ८,०९९ कर्मचारियों को मिलेगा, चाहे वे कुशल, अकुशल हों या अर्ध-कुशल। यह निर्णय केवल मंजूर ही नहीं हुआ है, बल्कि प्रशासनिक रूप से इसे हमेशा के लिए लागू कर दिया गया है और अगले महीने के वेतन से ही कर्मचारियों को यह बढ़ी हुई राशि उनके हाथों में मिलने लगेगी।
मुख्यालय के बाहर उमड़ा जनसैलाब, ढोल-ताशों के साथ मना जश्न
इस ऐतिहासिक निर्णय की आस में सुबह से ही सैकड़ों कर्मचारी नवी मुंबई मनपा मुख्यालय के बाहर उत्सुकता से इंतजार कर रहे थे। जैसे ही प्रस्ताव पारित होने की आधिकारिक घोषणा हुई, मुख्यालय के बाहर उपस्थित कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। कर्मचारियों ने गुलाल उड़ाकर और ढोल-ताशों की थाप पर थिरकते हुए जोरदार आनंदोत्सव मनाया।
कामगारों के इस बड़े जश्न और उत्साह को साझा करने के लिए खुद महापौर सुजाता पाटिल, उपमहापौर दशरथ भगत, स्थायी समिति के सभापति अशोक पाटिल और स्वास्थ्य (आरोग्य) समिति के सभापति डॉ. जयाजी नाथ विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ ही शहर के विभिन्न सम्मानित नगरसेवक, नगरसेविकाएं और श्रमिक सेना संगठन के तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी इस विजय उत्सव में शामिल हुए।
आशा वर्कर और अन्य प्रतीक्षा सूची के कर्मचारियों के लिए भी बनेगी नीति
इस मौके पर नेतृत्व की ओर से यह भी आश्वस्त किया गया कि जो कर्मचारी अभी स्थाई किए जाने की प्रतीक्षा में हैं, या जो आशा वर्कर महिलाएं हैं, उनके लिए भी जल्द ही एक ठोस और सकारात्मक नीति (पॉलिसी) लाई जाएगी। ‘नवी मुंबई के अभिभावक’ आदरणीय गणेशजी नाईक साहेब के मार्गदर्शन में उन्हें भी जल्द ही बड़ी राहत दी जाएगी। इस फैसले से पूरे नवी मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र के कर्मचारियों और उनके परिवारों में बेहद खुशी का माहौल है।












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