मुंबई: जोगेश्वरी में FDA की बड़ी कार्रवाई, 10.94 लाख रुपये का बिना लेबल वाला साबुन जब्त

मुंबई: जोगेश्वरी में FDA की बड़ी कार्रवाई, 10.94 लाख रुपये का बिना लेबल वाला साबुन जब्त

मुंबई: मुंबई के जोगेश्वरी इलाके में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 10.94 लाख रुपये मूल्य का बिना लेबल वाला टॉयलेट साबण (सौंदर्य प्रसाधन) जब्त किया है। नियमों का उल्लंघन कर इस माल को बेचने वाले विक्रेता के खिलाफ एफडीए ने कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

ग्राहकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े सौंदर्य प्रसाधनों (Cosmetics) के बाजार में चल रही गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए एफडीए की मुंबई टीम ने यह छापेमारी की। अधिकारियों के मुताबिक, जोगेश्वरी (पश्चिम) स्थित ‘जे. के. सोप बाजार’ (J. K. Soap Bazar) नाम के प्रतिष्ठान पर छापा मारा गया।

इस छापेमारी के दौरान वहां भारी मात्रा में टॉयलेट साबुन बिक्री के लिए स्टॉक करके रखा हुआ पाया गया। हालांकि, इन सभी उत्पादों पर कानूनन अनिवार्य जानकारियां नदारद थीं। जब्त किए गए साबुनों पर न तो बैच या लॉट नंबर था, न ही निर्माण की तारीख (Mfg Date), एक्सपायरी डेट, निर्माता का नाम-पता या मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस नंबर दर्ज था।

लैब जांच के लिए भेजे गए सैंपल

एफडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना लेबल वाले ऐसे कॉस्मेटिक उत्पाद बाजार में बेचना ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी है और यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। क्योंकि लेबल न होने के कारण उत्पाद की गुणवत्ता, सुरक्षा और उसकी जिम्मेदारी तय करना नामुमकिन हो जाता है।

कार्रवाई के दौरान कुल 10 लाख 93 हजार 692 रुपये की कीमत का साबुन जब्त किया गया है। गुणवत्ता की पुष्टि के लिए साबुन के दो सैंपल प्रयोगशाला (Lab Analysis) में जांच के लिए भेजे गए हैं। इस मामले में नदी उल्लाह (Nadhi Ullah) नामक व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है और उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

नियम तोड़ने वालों को तुकाराम मुंढे की कड़ी चेतावनी

अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने नियम तोड़ने वाले निर्माताओं और विक्रेताओं को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, “नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना आवश्यक लेबलिंग के किसी भी कॉस्मेटिक उत्पाद को बाजार में बेचना एक गंभीर अपराध है। ऐसे उत्पादों के स्रोत और सुरक्षा की जांच करना कठिन होता है। नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माताओं, वितरकों और विक्रेताओं के खिलाफ आगे भी बेहद कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

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